हिसार हत्याकांड: 19 दिन तक 6 राज्यों में पुलिस को छकाने वाला मुख्य आरोपी रमेश अत्री गुजरात से गिरफ्तार
हिसार के चर्चित जीवन कुंडू हत्याकांड का मुख्य आरोपी रमेश शर्मा उर्फ रमेश अत्री पुलिस के लिए एक ऐसी पहेली बन चुका था, जिसकी लोकेशन हर कुछ घंटों में बदल रही थी। 19 दिनों तक पुलिस को छकाने वाला रमेश अत्री आखिरकार गुजरात के जूनागढ़ रेलवे स्टेशन से एसटीएफ और हरियाणा पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

19 दिनों की फरारी के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी
हिसार के बहुचर्चित जीवन कुंडू हत्याकांड के मुख्य आरोपी रमेश शर्मा उर्फ रमेश अत्री को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 4 अगस्त को हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही रमेश और उसके साथी विशाल उर्फ बाबा और सौरभ उर्फ मोल्ड फरार चल रहे थे। 19 दिनों तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के बाद, हरियाणा पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गुजरात के जूनागढ़ रेलवे स्टेशन से इन तीनों को दबोच लिया। कोर्ट ने मुख्य आरोपी रमेश अत्री और उसके साथियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के लिए रमेश अत्री की गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। फरारी के दौरान उसने बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे छह राज्यों में अपने ठिकाने बदले। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी बेहद शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपा रहा था और किसी भी तरह के डिजिटल फुटप्रिंट छोड़ने से बच रहा था।
पुलिस को भ्रमित करने के लिए अपनाई थी खास रणनीति
रमेश अत्री ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कई हथकंडे अपनाए थे। वह अपना निजी फोन इस्तेमाल करने के बजाय राहगीरों से इमरजेंसी का बहाना बनाकर मोबाइल मांगता था और कॉल करने के तुरंत बाद वह जगह छोड़ देता था। इसके अलावा, वह जानबूझकर अनजान नंबरों से अपने करीबियों को फोन करता था ताकि पुलिस को गलत लोकेशन का संकेत मिले और वह उस दिशा में भटक जाए।
जब पुलिस को रमेश के इस पैटर्न की भनक लगी, तो उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव किया। एक जगह छापेमारी करने के बजाय, पुलिस ने संभावित तीन रूटों पर एक साथ टीमें तैनात कीं। जूनागढ़ रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाकर एसटीएफ ने तीनों आरोपियों को उस वक्त धर दबोचा जब वे वहां से निकलने की फिराक में थे।
सरकारी जमीन पर कब्जे का विवाद बना हत्या की वजह
इस हत्याकांड की जड़ में सूर्यनगर स्थित एक सरकारी जमीन का विवाद सामने आया है। मृतक जीवन कुंडू अपनी डेयरी का गोबर उसी खाली जगह पर डालते थे, जिसे लेकर रमेश अत्री ने कई बार आपत्ति जताई थी। इस विवाद ने धीरे-धीरे रंजिश का रूप ले लिया। 4 अगस्त की सुबह, रमेश ने अपने 10-12 साथियों के साथ मिलकर जीवन कुंडू की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मरने से पहले जीवन कुंडू ने खुद आरोपियों के नाम उजागर किए थे।
इस घटना के बाद हिसार में भारी आक्रोश देखा गया था। खाप पंचायतों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और कई जगहों पर टोल जाम किए गए। हांसी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान भी पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई थी, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
ठगी के बड़े नेटवर्क का भी है आरोपी
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रमेश अत्री केवल एक अपराधी ही नहीं, बल्कि एक बड़े ठगी नेटवर्क का हिस्सा भी रहा है। उस पर आरोप है कि वह स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों को '1 हजार के बदले 10 हजार' का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। अब चार दिन के रिमांड के दौरान पुलिस उससे हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी, बाकी फरार आरोपियों की जानकारी और ठगी के पैसों के लेनदेन के बारे में गहन पूछताछ करेगी।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!