हरियाणा पुलिस भर्ती: दौड़ के दौरान युवक की मौत पर मचा बवाल, परिजनों ने सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में सैदापुर गांव निवासी कपिल घर से पंचकूला हरियाणा पुलिस भर्ती में सिलेक्ट होने की उम्मीद लेकर आया था। एक जुलाई को सुबह की पहली ही शिफ्ट में उसकी दौड़ थी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

पुलिस भर्ती की दौड़ बनी काल, परिवार ने लगाए लापरवाही के आरोप
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के सैदापुर गांव के रहने वाले कपिल का सपना पुलिस की वर्दी पहनकर देश की सेवा करना था। इसी उम्मीद के साथ वह पंचकूला में आयोजित पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PST) में शामिल होने पहुंचा था। एक जुलाई की सुबह जब वह दौड़ लगा रहा था, तभी अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह गिर पड़ा। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
कपिल की मौत के बाद से उसके परिवार में कोहराम मचा है। मृतक के पिता हीरालाल ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि यदि समय रहते उनके बेटे को उचित चिकित्सा सुविधा मिल जाती, तो शायद आज वह जीवित होता। कपिल अपने पीछे सात महीने की गर्भवती पत्नी और तीन साल की मासूम बेटी को छोड़ गया है, जिन्हें अभी तक इस अनहोनी की पूरी जानकारी नहीं है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और आयोग की सफाई
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक दौड़ के दौरान गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो कपिल का है। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब कई राजनीतिक हस्तियों ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। हालांकि, हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
चेयरमैन हिम्मत सिंह ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिख रहे अभ्यर्थी की टी-शर्ट का रंग सफेद है, जबकि कपिल ने उस दिन लाल या मरून रंग की टी-शर्ट पहनी थी। उन्होंने कहा कि घटना के समय मौके पर एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम पूरी तरह तैनात थी। आयोग ने परिवार को यह भी सुझाव दिया है कि वे कार्यालय आकर सीसीटीवी फुटेज देख सकते हैं ताकि भ्रम की स्थिति दूर हो सके।
गांव में आक्रोश, न्याय की मांग तेज
कपिल की मौत से उसके पैतृक गांव सैदापुर में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से मांग की है कि मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए, ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके। गांव के सरपंच विकास यादव ने कहा कि हमने एक होनहार युवा खोया है और प्रशासन को इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर कैंडल मार्च निकालकर भी विरोध दर्ज कराया गया है।
परिजनों का कहना है कि कपिल शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट था। उसने पहले भी सीआईएसएफ की छह किलोमीटर की दौड़ सफलतापूर्वक पूरी की थी और वह नियमित रूप से अभ्यास करता था। ऐसे में अचानक हुई इस मौत ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पुलिस और आयोग इस मामले को लेकर अपनी जांच और दावों पर कायम हैं, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की बाट जोह रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!