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हरियाणा के 393 सरकारी स्कूलों ने खेल सुविधाओं का डेटा नहीं किया अपलोड, विभाग ने दी अंतिम चेतावनी

हरियाणा के सरकारी हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में खेल सुविधाओं का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार करने की कवायद अभी अधूरी है। प्रदेश के 393 सरकारी स्कूलों ने अब तक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टल पर अपनी जानकारी अपलोड नहीं की है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

15 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
हरियाणा के 393 सरकारी स्कूलों ने खेल सुविधाओं का डेटा नहीं किया अपलोड, विभाग ने दी अंतिम चेतावनी
मूल स्रोत

खेल सुविधाओं की ऑनलाइन मैपिंग में सुस्ती

हरियाणा के सरकारी हाई और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में खेल सुविधाओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया फिलहाल पूरी नहीं हो सकी है। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टल पर अब तक प्रदेश के 393 स्कूलों ने अपनी जानकारी अपलोड नहीं की है। इस लापरवाही के चलते विभाग ने संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

आंकड़ों के अनुसार, पोर्टल पर डेटा अपलोड न करने वाले स्कूलों में 151 हाई स्कूल और 242 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। शिक्षा विभाग इन स्कूलों में उपलब्ध खेल मैदानों, खेल उपकरणों, कोर्ट और ट्रैक जैसी बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए ऑनलाइन मैपिंग करवा रहा है, ताकि भविष्य में खेल गतिविधियों को बेहतर बनाया जा सके।

हिसार में सबसे ज्यादा लापरवाही, 20 जुलाई तक का समय

डेटा अपलोड करने में सबसे ज्यादा सुस्ती हिसार जिले के स्कूलों में देखी गई है, जहां 105 स्कूलों का विवरण अभी भी लंबित है। इसके बाद चरखी दादरी में 91 और भिवानी में 69 स्कूलों ने पोर्टल पर जानकारी नहीं भेजी है। वहीं, पानीपत, जींद, कैथल और नूंह जैसे जिलों में स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है, जहां केवल एक या दो स्कूलों का डेटा ही लंबित है।

शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी संबंधित स्कूलों से 20 जुलाई तक अनिवार्य रूप से डेटा अपलोड करवाएं। विभाग ने इस कार्य के लिए एक सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत दी है और चेतावनी दी है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तकनीकी खामियों को सुधारने के निर्देश

विभाग की समीक्षा में यह भी सामने आया है कि कई स्कूलों ने डेटा सबमिट करते समय सिविल स्ट्रक्चर से संबंधित मदों का चयन नहीं किया था। ऐसे स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी रिपोर्ट का सत्यापन करें और यदि कोई विवरण अधूरा है, तो उसे संशोधित कर दोबारा पोर्टल पर अपलोड करें। जिन स्कूलों ने पहले ही डेटा सबमिट कर दिया है, उन्हें भी पोर्टल पर लॉग-इन कर रिपोर्ट को अपडेट करने की सुविधा दी गई है।

डेटा अपलोड करने में आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग ने एक हेल्पडेस्क भी सक्रिय किया है। स्कूल प्रभारी कार्यदिवसों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक 0172-5049801 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कॉल करते समय स्कूल कोड साथ रखना अनिवार्य है ताकि समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके।

खेलों को बढ़ावा देने की कवायद

हरियाणा सरकार प्रदेश के सरकारी स्कूलों में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से राज्य के सभी स्कूलों में उपलब्ध खेल संसाधनों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इस मैपिंग के बाद विभाग को यह समझने में आसानी होगी कि किन स्कूलों में खेल सुविधाओं के विस्तार की अधिक आवश्यकता है और कहां नए उपकरण या मैदान बनाने की जरूरत है।

शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही यह कवायद न केवल खेल बुनियादी ढांचे को पारदर्शी बनाएगी, बल्कि छात्रों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। अब देखना यह होगा कि 20 जुलाई की समय सीमा तक सभी लंबित स्कूलों का डेटा पोर्टल पर दर्ज हो पाता है या नहीं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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