हरदोई में शिक्षामित्रों से लूट का खुलासा: तीन शातिर लुटेरे गिरफ्तार, हथियार और नकदी बरामद
हरदोई के बेनीगंज थाना क्षेत्र में दो शिक्षामित्रों से हुई चेन लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में बेनीगंज थाना पुलिस ने शिक्षामित्रों के साथ हुई लूट की वारदात का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लूटी गई सोने की चेन और घटना में प्रयुक्त सामग्री बरामद की गई है। एएसपी आलोक राज नारायण ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी।
क्या थी पूरी घटना
यह घटना 9 सितंबर 2026 को घटित हुई थी। लालपुर प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षामित्र कीर्ति बाजपेई और पूनम तिवारी स्कूल का काम समाप्त कर पैदल मुख्य मार्ग की ओर जा रही थीं। इसी दौरान संडीला-कोथावां मार्ग पर स्प्लेंडर बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने जबरन दोनों शिक्षामित्रों के गले से सोने की चेन झपट ली और तेजी से संडीला की ओर फरार हो गए।
पीड़िताओं द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर बेनीगंज पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थीं।
मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी
शुक्रवार को पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि संदिग्ध व्यक्ति कल्यानमल क्षेत्र के निबहा मोड़ के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद मफीद उर्फ भूरा, अभय उर्फ लुद्दन और बकार के रूप में हुई है। ये सभी संडीला थाना क्षेत्र के मीरनगर अजगवां के निवासी हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई दो सोने की चेन, वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, 12 बोर का एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस और 7,220 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
पुलिस टीम की सक्रियता
इस लूटकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह, उपनिरीक्षक विजय शुक्ला और उपनिरीक्षक हरिमोहन सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम की तत्परता और मुखबिर तंत्र की सक्रियता के चलते घटना के कुछ ही दिनों के भीतर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्होंने पूर्व में भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस बरामद हथियारों के स्रोत का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है ताकि क्षेत्र में अपराध पर और अधिक प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!