हापुड़: साइबर सेल की मुस्तैदी से गूगल-पे ठगी का शिकार हुए व्यक्ति को वापस मिले 4,400 रुपये
हापुड़ में ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। यहां गूगल-पे के जरिए एक व्यक्ति से 4,400 रुपये की ठगी हुई थी।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

तत्काल कार्रवाई से मिली राहत
हापुड़ में ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जहां साइबर सेल की तत्परता ने एक पीड़ित को बड़ी राहत पहुंचाई है। मोहल्ला पन्नापुरी निवासी विशाल पाल, जो जन्मप्रसाद के पुत्र हैं, गूगल-पे के माध्यम से ठगी का शिकार हो गए थे। अज्ञात जालसाजों ने उनके खाते से 4,400 रुपये उड़ा लिए थे। घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद साइबर सेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
साइबर सेल की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक और पेमेंट गेटवे के साथ समन्वय स्थापित किया। पुलिस की सक्रियता का परिणाम यह रहा कि पीड़ित के खाते से निकाली गई पूरी रकम 4,400 रुपये वापस मिल गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाकर विशाल पाल ने हापुड़ पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की और उनका आभार व्यक्त किया।
साइबर अपराधों के प्रति पुलिस की चेतावनी
इस मामले के बाद पुलिस अधिकारियों ने आम जनता को साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध की घटनाओं में रिपोर्टिंग का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि पीड़ित व्यक्ति घटना के तुरंत बाद शिकायत दर्ज कराता है, तो ठगी गई राशि को फ्रीज करने और उसे वापस पाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। देरी होने पर अपराधी पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे रिकवरी कठिन हो जाती है।
साइबर सेल प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि अपराधी आए दिन नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों को झांसे में ले रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक कभी भी फोन पर ग्राहकों से गोपनीय जानकारी नहीं मांगते हैं। अतः किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने बैंक खाते का विवरण, ओटीपी (OTP), पिन (PIN) या सीवीवी (CVV) साझा न करें। इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि ये लिंक आपके फोन का एक्सेस अपराधियों को दे सकते हैं।
धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो घबराने के बजाय तुरंत कदम उठाएं। सबसे पहले साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यह नंबर चौबीसों घंटे सक्रिय रहता है और साइबर अपराधों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए बनाया गया है।
हेल्पलाइन के अलावा, पीड़ित को तुरंत अपने संबंधित बैंक को भी सूचित करना चाहिए ताकि खाते को ब्लॉक किया जा सके और संदिग्ध लेनदेन को रोका जा सके। पुलिस लगातार विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को जागरूक कर रही है ताकि वे डिजिटल लेनदेन करते समय सावधानी बरतें और अपनी निजी जानकारी को सुरक्षित रखें।
हापुड़ पुलिस का यह सफल ऑपरेशन साइबर अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि साइबर सेल की टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही है और भविष्य में भी ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी ऑनलाइन पेमेंट न करें।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!