गुरुग्राम मर्डर केस: श्मशान घाट में ली गई कसम का बदला, पिता की हत्या के पीछे की खौफनाक साजिश
परिवार को लगातार खतरे का अंदाजा था, इसलिए महेंद्र और उसके बेटे चेहरा ढककर घर से निकलते थे। सबसे छोटे बेटे दीपांशु को भी सुरक्षा के लिहाज से बुआ के घर दूसरे राज्य भेज दिया था।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

गुरुग्राम में रंजिश का खूनी अंत
गुरुग्राम में 45 वर्षीय महेंद्र की दिनदहाड़े हुई हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा है। जनवरी 2025 में पर्व उर्फ बड़ी नामक युवक की हत्या के बाद से ही आरोपी गुट बदला लेने की फिराक में था। पर्व के अंतिम संस्कार के दौरान ही उसके साथियों ने महेंद्र के परिवार से बदला लेने की कसम खाई थी, जो अब एक और हत्या के रूप में सामने आई है।
घटना के दिन हमलावरों ने बीच सड़क पर महेंद्र को निशाना बनाया। गोली लगने के बाद महेंद्र सड़क पर ही गिर पड़े और बाद में उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम में उनके पेट से देशी कट्टे की गोली बरामद हुई है। पुलिस के अनुसार, हमलावर असल में महेंद्र के बेटे को निशाना बनाने आए थे, लेकिन मौके पर पिता की जान चली गई।
लगातार खतरे के साये में था परिवार
महेंद्र का परिवार लंबे समय से दहशत के साये में जी रहा था। उन्हें हमले का अंदेशा था, जिसके चलते महेंद्र और उनके बेटे घर से निकलते समय अपना चेहरा ढककर रखते थे। सुरक्षा के मद्देनजर परिवार ने सबसे छोटे बेटे दीपांशु को दूसरे राज्य में अपनी बुआ के घर भेज दिया था। इसके बावजूद, विरोधी गुट के बदमाश पिछले पांच-छह दिनों से लगातार महेंद्र और उनके बेटे साहिल की रेकी कर रहे थे।
हैरानी की बात यह है कि वारदात से एक सप्ताह पहले साहिल की मुलाकात उन्हीं बदमाशों से हुई थी, जिन्होंने बाद में इस घटना को अंजाम दिया। दोनों पक्षों ने साथ बैठकर खाना-पीना भी किया, लेकिन साहिल को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उसके पिता की हत्या की साजिश रची जा चुकी है। महेंद्र अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बेटे प्रियांशु से जुड़ी तस्वीरें और गैंगस्टर गानों वाले वीडियो पोस्ट करते थे, जिसे लेकर भी विरोधी गुट में काफी नाराजगी थी।
जेल में बंद बेटे की बेल पर संशय
महेंद्र के बड़े बेटे प्रियांशु पर पहले से ही पर्व की हत्या का आरोप है और वह फिलहाल जेल में बंद है। पिता की अंतिम विदाई में शामिल होने के लिए प्रियांशु ने अदालत से आधे घंटे की पैरोल मांगी है। हालांकि, पुलिस ने इस याचिका का विरोध किया है। अधिकारियों का तर्क है कि प्रियांशु के बाहर आने से दोनों गुटों के बीच हिंसा और बढ़ सकती है, साथ ही उसके फरार होने की आशंका भी बनी हुई है।
पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू कर दी है। गुरुग्राम वेस्ट के डीसीपी वाईवीआर चंद्रशेखर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर शूटरों की पहचान कर ली गई है। क्राइम ब्रांच की टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। फिलहाल, परिजन प्रियांशु की बेल का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुरानी दुश्मनी और सुलह की हकीकत
दोनों गुटों के बीच दुश्मनी की शुरुआत जनवरी 2025 में हुई थी, जब पर्व को शराब पार्टी के बहाने बुलाकर सुनसान इलाके में ले जाया गया और पत्थरों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में महेंद्र के बेटे प्रियांशु और सन्नी मंडल ग्रुप के सदस्यों पर आरोप लगे थे। हालांकि, अप्रैल 2025 में दोनों पक्षों के बीच एक बार सुलह की कोशिश भी हुई थी, लेकिन पुरानी रंजिश की आग पूरी तरह शांत नहीं हो सकी थी।
यह मामला न केवल एक हत्या का है, बल्कि यह आपसी रंजिश और गैंगवार के बढ़ते खतरे को भी दर्शाता है। पुलिस अब उन सभी पहलुओं की जांच कर रही है जो इस घटनाक्रम से जुड़े हैं। स्थानीय लोग इस घटना के बाद से काफी डरे हुए हैं और पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने की मांग कर रहे हैं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!