गुरुग्राम: व्हाट्सएप लिंक पर क्लिक करते ही महिला का फोन हैक, लोन की 4.50 लाख की रकम उड़ा ले गए साइबर ठग
साइबर अपराधियों के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला गुरुग्राम के गाँव बांस कुसला से सामने आया है, जहाँ एक साधारण घरेलू महिला डिजिटल ठगी का शिकार हो गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अज्ञात लिंक ने खाली किया बैंक खाता
गुरुग्राम के गांव बांस कुसला में एक महिला के साथ हुई साइबर धोखाधड़ी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित महिला पूनम ने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से संदिग्ध मैसेज आया था। जैसे ही उन्होंने उस मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन तुरंत हैक हो गया। फोन की स्क्रीन पर असामान्य गतिविधियां होते देख महिला घबरा गई और उन्होंने तुरंत फोन बंद कर दिया, लेकिन तब तक ठग अपना काम कर चुके थे।
फोन बंद होने के बावजूद साइबर अपराधियों ने बैकएंड के जरिए महिला के बैंक खाते में सेंध लगा दी। साउथ इंडियन बैंक में मौजूद महिला के खाते से कुछ ही मिनटों के भीतर पैसे कटने के संदेश आने लगे। अपराधियों ने एक के बाद एक कई ट्रांजैक्शन किए, जिसमें पहले 3 लाख रुपये और उसके बाद 50-50 हजार रुपये की तीन किस्तों में कुल 4 लाख 50 हजार रुपये उड़ा लिए गए।
लोन की राशि बनी ठगों का निशाना
पीड़िता ने खुलासा किया कि उनके खाते से चोरी हुई यह रकम उनकी निजी बचत नहीं थी, बल्कि उन्होंने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बजाज फाइनेंस से लोन लिया था। लोन की यह राशि हाल ही में उनके बैंक खाते में क्रेडिट हुई थी। ठगों ने संभवतः इस ट्रांजैक्शन पर नजर रखी हुई थी और राशि आते ही उसे अपना निशाना बना लिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से गुजर रहा है।
घटना के तुरंत बाद पूनम अपने पति उत्तम सिंह के साथ बैंक शाखा पहुंचीं। बैंक कर्मचारियों ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से महिला के मोबाइल फोन को फॉर्मेट करने की सलाह दी, ताकि हैकिंग को आगे बढ़ने से रोका जा सके। हालांकि, फोन फॉर्मेट होने के कारण वह संदिग्ध व्हाट्सएप चैट और ठगों का नंबर डिलीट हो गया, जिससे मामले की जांच के लिए जरूरी डिजिटल साक्ष्य मिट गए।
पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई
पीड़िता ने तत्परता दिखाते हुए घटना के दिन ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने बैंक स्टेटमेंट के साथ स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और बैंक से ट्रांजैक्शन हिस्ट्री का विस्तृत विवरण मांगा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पैसा किस खाते में ट्रांसफर हुआ है।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करना खतरनाक हो सकता है। यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों से आने वाले संदिग्ध लिंक पर कभी भरोसा न करें। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ठगों ने किसी विशेष ऐप के जरिए फोन का रिमोट एक्सेस लिया था या यह किसी अन्य फिशिंग तकनीक का परिणाम था।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!