गुरुग्राम: 25 हजार की बाइक पर 2.13 लाख का जुर्माना, 51 चालान पेंडिंग देख पुलिस भी हैरान
गुरुग्राम के व्यस्त पटौदी चौक पर उस समय पुलिसकर्मी अपनी आंखें मलने पर मजबूर हो गए, जब नियमित वाहन जांच के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने ट्रैफिक पुलिस के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना दिया। एक मामूली मोटरसाइकिल पर इतने चालान पेंडिंग थे कि उनकी कुल जुर्माना राशि बाइक की असल कीमत से भी दस गुना ज्यादा निकल गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
गुरुग्राम के व्यस्त पटौदी चौक पर ट्रैफिक पुलिस की नियमित जांच के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। एक मोटरसाइकिल सवार को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो उसके पास न तो वैध दस्तावेज थे और न ही वह नियमों का पालन करता पाया गया। जब पुलिस ने डिजिटल डिवाइस के जरिए बाइक का रिकॉर्ड खंगाला, तो उस पर लंबित चालानों की संख्या देखकर सभी दंग रह गए।
जांच में पता चला कि इस बाइक पर कुल 51 चालान पेंडिंग थे। इन सभी उल्लंघनों को जोड़ने पर कुल जुर्माना राशि 2 लाख 13 हजार रुपये तक पहुंच गई। हैरानी की बात यह है कि जिस बाइक पर यह भारी-भरकम जुर्माना लगा है, उसकी बाजार में कीमत महज 25 हजार रुपये के आसपास आंकी गई है। यानी जुर्माना राशि बाइक की कीमत से करीब दस गुना अधिक है।
बुनियादी नियमों की लगातार अनदेखी
एएसआई प्रदीप कुमार, जो अपनी टीम के साथ मौके पर तैनात थे, ने बताया कि बाइक सवार ने यातायात नियमों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया था। रिकॉर्ड की जांच करने पर सामने आया कि अधिकांश चालान हेलमेट न पहनने और प्रदूषण जांच (PUC) न करवाने के कारण काटे गए थे। सवार न केवल खुद बिना हेलमेट के वाहन चला रहा था, बल्कि पीछे बैठने वाले यात्री ने भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया था।
लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर बाइक चलाने वाले इस व्यक्ति ने एक के बाद एक कई बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया। डिजिटल डेटाबेस में दर्ज इन 51 मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया कि सवार को न तो जुर्माने का डर था और न ही सुरक्षा की चिंता। मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत यह अब तक का एक बड़ा मामला माना जा रहा है।
बाइक हुई इंपाउंड, अब कोर्ट के चक्कर
नियमों के प्रति इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। मौके पर ही बाइक को इंपाउंड कर लिया गया और क्रेन की मदद से उसे सरकारी पार्किंग में भिजवा दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब वाहन मालिक को अपनी बाइक छुड़ाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा और कोर्ट या ट्रैफिक विभाग में भारी जुर्माना जमा करना होगा।
यह घटना उन वाहन चालकों के लिए एक सबक है जो ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेते हैं। गुरुग्राम पुलिस लगातार डिजिटल उपकरणों के माध्यम से वाहनों की निगरानी कर रही है, जिससे पुराने पेंडिंग चालान भी आसानी से पकड़े जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी चेकिंग जारी रहेगी ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
फिलहाल, यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। इतनी बड़ी राशि का जुर्माना और बाइक की कीमत के बीच का अंतर यह दर्शाता है कि नियमों का उल्लंघन करना अंततः वाहन मालिक के लिए ही आर्थिक बोझ का कारण बनता है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!