गुना: दबंगों ने खेत में छोड़े मवेशी, लाखों की सब्जी फसल बर्बाद; पीड़ित परिवार ने मांगी सुरक्षा
दबंगों की प्रताडऩा और फसल में जानबूझकर मवेशी घुसाकर लाखों रुपये का नुकसान पहुँचाने से पीड़ित एक परिवार ने पुलिस से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। कैंट थाना क्षेत्र के ग्राम किशनगढ़ निवासी पीड़ितों ने गांव के ही तीन दबंगों के खिलाफ फसल तबाह करने, गाली-गलौज करने और महिलाओं के साथ छेडख़ानी करने का गंभीर आरोप लगाया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

खेत में मवेशी छोड़कर फसल की बर्बादी
गुना जिले के कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम किशनगढ़ में एक किसान परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ दबंगों ने रंजिश के चलते उनके खेत में मवेशी छोड़ दिए, जिससे उनकी मेहनत से उगाई गई लाखों रुपये की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। पीड़ितों ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
शिकायतकर्ता जितेन्द्र लोधा और उनके परिवार की महिलाओं ने बताया कि उनकी फसल में मिर्च, करेला और खीरे की खेती की गई थी। आरोप है कि आरोपियों ने रात के अंधेरे में खेत की तारफेंसिंग को हटाकर करीब 40 से 50 मवेशियों को अंदर घुसा दिया। जब यह घटना हुई, तब जितेन्द्र अपनी सब्जी बेचने के लिए नानाखेड़ी मंडी गए हुए थे। पीछे से आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उनकी करीब 5 बीघा जमीन पर खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया।
पुरानी रंजिश और धमकियों का आरोप
पीड़ित परिवार ने बताया कि गांव के ही महाराजसिंह लोधा, केदार लोधा और रामस्वरूप लोधा के साथ उनका विवाद जुलाई 2026 से चल रहा है। इस पुरानी रंजिश के कारण आरोपी लगातार उन्हें परेशान कर रहे हैं। परिवार का आरोप है कि जब घर की महिलाओं ने मवेशियों को खेत से बाहर निकालने का प्रयास किया और विरोध जताया, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गाली-गलौज की।
पीड़ितों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब उन्हें निशाना बनाया गया है। इससे पहले भी आरोपी उनके परिवार के एक सदस्य के साथ मारपीट कर चुके हैं। अब वे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और झूठे मुकदमों में फंसाने का डर दिखा रहे हैं, जिससे पूरा परिवार दहशत में है।
पुलिस की कार्रवाई का इंतजार
पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में पीड़ितों ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया जाए और परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए। उन्होंने अपनी आर्थिक क्षति का हवाला देते हुए बताया कि इस बर्बादी से उन्हें करीब 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जो उनके जीवन-यापन का एकमात्र जरिया था।
इस मामले पर कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को पीड़ित परिवार की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पीड़ित परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। स्थानीय प्रशासन अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर कार्रवाई के दबाव में है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!