गोरखपुर: 6 साल की कानूनी लड़ाई के बाद व्यापारी को बड़ी राहत, 3.94 लाख का जुर्माना हुआ माफ
कोलकाता की एक फर्म का माल 6 साल पहले राज्य कर विभाग के सचल दल ने पकड़ लिया था। व्यापारियों ने इस कार्रवाई को गलत बताया था लेकिन विभाग ने अंतत: इसमें 3 लाख 94 हजार 642 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

गोरखपुर में एक स्थानीय व्यापारी को छह साल लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद बड़ी राहत मिली है। राज्य कर विभाग द्वारा लगाए गए करीब 3.94 लाख रुपये के जुर्माने को अधिकारियों ने रद्द कर दिया है। यह मामला तब शुरू हुआ था जब कोलकाता की एक फर्म का माल भूटान ले जाते समय रास्ते में रोक लिया गया था। व्यापारियों ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए चैंबर ऑफ कॉमर्स के माध्यम से अपनी आवाज उठाई थी।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई कार्रवाई
घटना 3 फरवरी 2020 की है, जब तेनुआ टोल प्लाजा के समीप राज्य कर विभाग के सचल दल ने एक कमर्शियल वाहन को रोका था। उस समय यह माल भूटान भेजा जा रहा था। सचल दल ने माल को अवैध रूप से ले जाने के संदेह में पकड़ लिया और बाद में विभाग ने व्यापारी पर 3 लाख 94 हजार 642 रुपये का भारी जुर्माना लगा दिया। व्यापारियों का आरोप था कि विभाग ने नियमों की अनदेखी की और बिना किसी ठोस आधार के उनका उत्पीड़न किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए व्यापारी ने चैंबर ऑफ कॉमर्स से संपर्क किया। चैंबर के पदाधिकारियों ने इस मुद्दे को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली 'व्यापार बंधु' की बैठक में भी प्रमुखता से उठाया था। हालांकि, उस समय व्यापारी को तुरंत न्याय नहीं मिल सका, जिसके बाद मामले को उच्च स्तर पर अपील के जरिए चुनौती दी गई।
अपील के बाद मिली राहत, कर चोरी का नहीं मिला सबूत
जुर्माने के खिलाफ दायर अपील पर अपर आयुक्त ग्रेड-2 के समक्ष सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के तर्कों को विस्तार से सुना गया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि माल ले जाने के पीछे कर चोरी (टैक्स इवेजन) की कोई मंशा नहीं थी। दस्तावेजों और तथ्यों की गहन समीक्षा के बाद, अधिकारियों ने व्यापारी पर लगाया गया जुर्माना पूरी तरह से माफ करने का आदेश जारी कर दिया।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे व्यापारी वर्ग की एक बड़ी जीत करार दिया है। संगठन का कहना है कि यह फैसला उन अधिकारियों के लिए एक सबक है जो नियमों की आड़ में मनमानी करते हैं। चैंबर ने स्पष्ट किया है कि वे भविष्य में भी व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए इसी तरह मजबूती से खड़े रहेंगे।
व्यापार जगत में खुशी की लहर
इस फैसले से स्थानीय व्यापारियों में खुशी है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने कहा कि उनकी संस्था का मुख्य उद्देश्य व्यापार में पारदर्शिता और सुगमता लाना है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर होने वाली ऐसी कार्रवाई से व्यापारियों का मनोबल गिरता है, इसलिए न्याय मिलने से पूरे व्यापारिक समुदाय को संबल मिला है। छह साल की लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मिली इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि सही तथ्यों के साथ लड़ी गई लड़ाई का परिणाम हमेशा सकारात्मक होता है।
फिलहाल, इस आदेश के बाद व्यापारी ने राहत की सांस ली है। यह मामला न केवल एक फर्म के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि यह उन सभी छोटे-बड़े व्यापारियों के लिए एक उदाहरण बन गया है जो अक्सर सचल दलों की कार्रवाई से परेशान रहते हैं। विभाग की ओर से जुर्माना माफ किए जाने के बाद अब यह मामला पूरी तरह से समाप्त हो गया है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!