गोरखपुर में अवैध हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद, अंतरराज्यीय गिरोह के 5 तस्कर गिरफ्तार
गोरखपुर में अवैध असलहों के खिलाफ एसटीएफ और एंटी थेफ्ट टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्कर गैंग के 5 सदस्यों को कैंट इलाके से गिरफ्तार किया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

गोरखपुर में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। एसटीएफ और एंटी थेफ्ट टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध असलहे और कारतूस बरामद किए गए हैं, जो पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में खपाने की तैयारी थी।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवैध असलहा तस्कर पैडलेगंज से मोहद्दीपुर की ओर जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह और एंटी थेफ्ट प्रभारी सुनील कुमार राय की टीम ने विन्ध्यवासिनी पार्क के पास घेराबंदी की। 14 सितंबर की रात करीब 10:20 बजे पुलिस ने संदिग्धों को रोककर तलाशी ली, जिसमें अवैध हथियारों का जखीरा मिला।
मध्य प्रदेश और हरियाणा से होती थी तस्करी
पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से हथियार खरीदकर लाता था। इन हथियारों को कम कीमत पर खरीदकर पूर्वांचल के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार.32 बोर की पिस्टल, एक रिवाल्वर और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले में कैंट थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिहार के गोपालगंज निवासी श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, देवरिया निवासी अजीत यादव, गोरखपुर के अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता शामिल हैं। इनमें से कई आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। अजीत यादव पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं, जबकि श्रेयांश यादव पर चोरी और अमानत में खयानत के मामले चल रहे हैं।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास और जांच
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, श्रेयांश यादव गोरखनाथ इलाके में किराए का कमरा लेकर रह रहा था। वहीं, अभिषेक गौड़ पर मारपीट और अभिषेक प्रजापति पर आर्म्स एक्ट के पुराने मामले दर्ज हैं। गिरोह के पांचवें सदस्य राहुल गुप्ता के खिलाफ फिलहाल कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
एसटीएफ की इस संयुक्त टीम में निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, सुनील राय, उपनिरीक्षक विनायक सिंह और यशवंत सिंह समेत कुल 22 पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन हथियारों को खरीदने वाले अन्य लोग कौन हैं और इस नेटवर्क की जड़ें और कहां तक फैली हुई हैं।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंतरराज्यीय स्तर पर हथियारों की तस्करी करने वाले इस गिरोह के पकड़े जाने से पूर्वांचल में अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। बरामद किए गए हथियारों के स्रोत और उनके सप्लायरों की पहचान के लिए पुलिस की टीमें अब मध्य प्रदेश और हरियाणा में भी संपर्क साध रही हैं। पकड़े गए आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और उनसे पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!