गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस में खूनी संघर्ष: अवैध वेंडरों ने कर्मचारियों पर किया चाकू से हमला, एक की हालत गंभीर
भोपाल में गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन में शनिवार को चाकू से जानलेवा हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। इस मामले में जीआरपी भोपाल ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

भोपाल के पास से गुजर रही गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस ट्रेन में शनिवार को एक बेहद चौंकाने वाली और हिंसक घटना सामने आई है। ट्रेन में सवार रेलवे कर्मचारियों पर कुछ बदमाशों ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद से यात्रियों में दहशत का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
अवैध खानपान को लेकर हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना भददा और सूखी सेवनिया स्टेशनों के बीच घटित हुई। ट्रेन में मौजूद अवैध वेंडर, जिनकी पहचान जितेंद्र खटीक और अंकित सुपारी के रूप में हुई है, रेलवे कर्मचारियों पर अवैध किचन का खाना खरीदने का दबाव बना रहे थे। जब कर्मचारियों ने इस अवैध गतिविधि का विरोध किया, तो आरोपियों ने पहले उन्हें धमकाया और फिर अचानक चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले की चपेट में आने वाले कर्मचारियों में विजय कुमार, आनंद कुमार और किशन शामिल हैं। इनमें से विजय कुमार की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना के तुरंत बाद घायल कर्मचारियों का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उनकी गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस हमले के दौरान ट्रेन के भीतर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में जान बचाने की होड़ लग गई।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी भोपाल सक्रिय हो गई और मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जीआरपी थाना प्रभारी जहीर खान ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें अब इन बदमाशों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
यह वारदात ट्रेनों में सक्रिय अवैध वेंडरों के बढ़ते हौसलों को दर्शाती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात जीआरपी और आरपीएफ की कार्यप्रणाली पर भी अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि चलती ट्रेन में हथियार लेकर बदमाश कैसे चढ़े और उन्होंने इतनी बड़ी घटना को अंजाम कैसे दिया। क्या सुरक्षा एजेंसियां ट्रेनों में अवैध गतिविधियों को रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं?
ट्रेन में हुई इस हिंसा ने रेलवे प्रशासन को भी बैकफुट पर ला दिया है। यात्रियों का कहना है कि यदि ट्रेनों में अवैध वेंडर बेखौफ होकर घूमते रहेंगे और कर्मचारियों पर दबाव बनाएंगे, तो आम यात्रियों की सुरक्षा का क्या होगा। इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है।
फिलहाल, पुलिस ने सभी संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है। घायल कर्मचारियों का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे नेटवर्क और घटना के पीछे के अन्य कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
आने वाले दिनों में रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी को ट्रेनों में अवैध वेंडरों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है ताकि ऐसी हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यात्रियों ने मांग की है कि इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि अपराधियों में कानून का डर बना रहे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!