गोंडा: दरोगा की रिश्वतखोरी पर भड़के DIG, बोले- 30 हजार वापस नहीं किए तो होगी कार्रवाई
गोंडा के देवीपाटन रेंज के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह रिश्वत की शिकायत पर तरबगंज थाने के एक दरोगा पर भड़कते हुए 30 हजार रुपये तुरंत वापस कराने का आदेश दे रहे हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

रिश्वत के पैसे वापस करने का आदेश
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में देवीपाटन रेंज के डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो में डीआईजी तरबगंज थाने के एसएचओ को फोन पर फटकार लगाते हुए सुनाई दे रहे हैं। मामला एक दरोगा द्वारा चार्जशीट दाखिल करने के नाम पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने और बाद में फाइनल रिपोर्ट लगाने से जुड़ा है।
डीआईजी ने एसएचओ को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि वे संबंधित दरोगा ओम प्रकाश यादव से पीड़ित के पैसे तुरंत वापस कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भ्रष्टाचार के इस मामले में पैसे वापस नहीं किए गए, तो एसएचओ के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी ने स्पष्ट कहा कि थाने में इस तरह की अवैध वसूली विभाग की छवि खराब कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
तरबगंज थाना क्षेत्र के मन्नीपुर गांव निवासी किंग उपाध्याय ने 9 जुलाई को डीआईजी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित का आरोप है कि 23 जनवरी 2026 को गांव के ही एक व्यक्ति ने उनकी कार में तोड़फोड़ की थी और मारपीट की थी। इस मामले में केस दर्ज होने के बाद दरोगा ओम प्रकाश यादव ने चार्जशीट दाखिल करने के एवज में उनसे 30 हजार रुपये की मांग की थी।
पीड़ित ने फरवरी महीने में दरोगा को पैसे दे दिए थे, लेकिन इसके बावजूद दरोगा ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पीड़ित ने डीआईजी को व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी दिखाए, जिसमें वह दरोगा से पैसे वापस करने की गुहार लगा रहा था। डीआईजी ने पाया कि दरोगा ने इन संदेशों का कोई जवाब नहीं दिया, जो उनकी संलिप्तता की ओर इशारा करता है।
डीआईजी की फटकार और वर्तमान स्थिति
शिकायत सुनने के बाद डीआईजी ने तुरंत तरबगंज एसएचओ को फोन मिलाया। उन्होंने कहा कि एसएचओ का काम थाने में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है, लेकिन वे अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं। डीआईजी ने निर्देश दिया कि मुकदमे की मेरिट की दोबारा जांच की जाए और यदि चार्जशीट का आधार बनता है, तो उसे दाखिल किया जाए, साथ ही पीड़ित के पैसे हर हाल में वापस कराए जाएं।
हालांकि, इस घटना का वीडियो वायरल होने के बावजूद पीड़ित का कहना है कि डीआईजी की फटकार के कई दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें अभी तक अपने पैसे वापस नहीं मिले हैं। पीड़ित का आरोप है कि वह पिछले दो महीने से लगातार दरोगा के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं।
प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल
यह मामला पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और जवाबदेही के संकट को उजागर करता है। डीआईजी ने साफ कर दिया है कि यदि दरोगा ने पैसे नहीं लौटाए तो उसे जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल, इस मामले में विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है, ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!