27 साल से फरार 25 हजार का इनामी हत्यारोपी गिरफ्तार, सोनीपत पुलिस ने रिमांड पर लिया
हरियाणा पुलिस ने सोनीपत में 1999 के एक हत्या मामले में 27 साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

हरियाणा पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सोनीपत में वर्ष 1999 में हुए एक चर्चित हत्याकांड में पिछले 27 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान शाह गुलशन उर्फ गुलाब चंद के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गुजरात के सूरत का निवासी बताया जा रहा है। इस अपराधी पर पुलिस विभाग की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
क्या था 1999 का मामला
यह मामला 17 नवंबर 1999 का है, जब गांव सलारपुर माजरा निवासी मुंशी ने थाना मोहाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 16 नवंबर 1999 की शाम को जब वह गांव के रजबाहे की पटड़ी पर टहल रहे थे, तब उन्हें वीरेंद्र के खेत के पास एक संदिग्ध बक्सा पड़ा मिला। बक्से से उठ रही तेज दुर्गंध ने उन्हें चौंका दिया। पास जाकर देखने पर पता चला कि बक्सा ताले से बंद था और उसका एक हिस्सा टूटा हुआ था, जिसके भीतर एक व्यक्ति का शव रखा हुआ था।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बड़ी बेरहमी से हत्या करने के बाद शव को बक्से में बंद कर रजबाहे में फेंक दिया था। इस सूचना के बाद पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। उस समय इस मामले में एक अन्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन शाह गुलशन तब से ही पुलिस की पकड़ से दूर था।
एसटीएफ की कार्रवाई और इनाम
फरार चल रहे आरोपी शाह गुलशन की तलाश के लिए पुलिस ने कई वर्षों तक प्रयास किए। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 2020 में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (क्राइम) ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ बहादुरगढ़ की टीम ने तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर जाल बिछाया और लंबे समय से छिपकर रह रहे आरोपी को धर दबोचा।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाना मोहाना की जांच टीम के सहायक उप निरीक्षक रुपेंद्र के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने आरोपी को शनिवार को सोनीपत की स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
रिमांड के दौरान पूछताछ जारी
पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि 27 साल पहले हुई इस वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे और आरोपी इतने लंबे समय तक कहां-कहां छिपा रहा। पुलिस इस हत्याकांड से जुड़े उन सभी तथ्यों को खंगाल रही है जो अब तक अनसुलझे थे।
इस गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि 1999 के इस पुराने मामले की कड़ियां जुड़ सकेंगी और मामले में शामिल अन्य संदिग्धों तक भी पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल पुलिस टीम आरोपी के पिछले दो दशकों के ठिकाने और उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!