शिवपुरी: भाजपा विधायक का फरमान, मंडल अध्यक्ष बनने के लिए 25 हजार फॉलोअर्स जरूरी
शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र के ग्राम टामकी में भाजपा मंडल की मासिक बैठक आयोजित की गई। इसमें संगठन की गतिविधियों के साथ सोशल मीडिया को लेकर विधायक महेंद्र यादव का बयान चर्चा में आ गया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

सोशल मीडिया सक्रियता पर भाजपा विधायक का कड़ा रुख
शिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम टामकी में आयोजित भाजपा मंडल की मासिक बैठक में संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर एक नया निर्देश चर्चा का विषय बन गया है। क्षेत्रीय विधायक महेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि अब पार्टी के पदाधिकारियों का मूल्यांकन केवल जमीनी काम के आधार पर ही नहीं, बल्कि उनकी डिजिटल उपस्थिति के आधार पर भी किया जाएगा।
विधायक ने बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दौर डिजिटल युग का है, जहां फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म जनसंपर्क के सबसे सशक्त माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा के बूथ स्तर से लेकर मंडल स्तर तक के पदाधिकारियों को इन प्लेटफॉर्म्स पर पूरी तरह सक्रिय रहना अनिवार्य है।
फॉलोअर्स की संख्या तय, अगली बैठक में होगी समीक्षा
विधायक महेंद्र यादव ने पदाधिकारियों के लिए फॉलोअर्स का एक पैमाना भी निर्धारित किया है। उनके अनुसार, एक मंडल अध्यक्ष के पास कम से कम 25 हजार फॉलोअर्स होने चाहिए, तभी वह पद की गरिमा के अनुरूप कार्य करने में सक्षम माना जाएगा। इसी तरह, शक्ति केंद्र के प्रभारियों के लिए पांच हजार और बूथ अध्यक्षों के लिए कम से कम एक हजार फॉलोअर्स का लक्ष्य रखा गया है।
संगठन की आगामी बैठकों में इस निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा की जाएगी। विधायक ने सभी बूथ अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने सोशल मीडिया फॉलोअर्स की सूची तैयार रखें। अगली बैठक में यह देखा जाएगा कि किस पदाधिकारी ने अपने फॉलोअर्स की संख्या में कितनी वृद्धि की है और डिजिटल माध्यमों पर उनकी सक्रियता का स्तर क्या है।
डिजिटल पहुंच बढ़ाने की रणनीति
बैठक में 'हर घर तिरंगा' अभियान और संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। विधायक ने स्पष्ट किया कि सरकार और संगठन की योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करना कार्यकर्ताओं का मुख्य दायित्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब शीर्ष नेतृत्व डिजिटल माध्यमों पर इतना सक्रिय है, तो स्थानीय पदाधिकारियों को भी उसी अनुरूप अपनी पहुंच बढ़ानी चाहिए।
विधायक का यह बयान भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत पार्टी जमीनी संगठन के साथ-साथ डिजिटल मोर्चे पर भी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया गया है कि जनता की समस्याओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने और सरकार के कार्यों का प्रचार-प्रसार करने के लिए सोशल मीडिया अब एक अनिवार्य उपकरण बन चुका है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के निर्देशों से पार्टी के भीतर डिजिटल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। यह कदम न केवल कार्यकर्ताओं को तकनीक के प्रति जागरूक करेगा, बल्कि भविष्य के चुनावों में डिजिटल प्रचार की दृष्टि से पार्टी को एक मजबूत आधार भी प्रदान करेगा।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!