FMGE परीक्षा में पारदर्शिता की मांग: भूख हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों को मिला केजरीवाल का साथ
देश में डॉक्टरों की भारी कमी के बीच नई दिल्ली के गौतम नगर स्थित महाराजा रणजीत सिंह पार्क में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज के खिलाफ हजारों MBBS डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन में डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

FMGE परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए डॉक्टरों का आंदोलन
नई दिल्ली के गौतम नगर स्थित महाराजा रणजीत सिंह पार्क में इन दिनों हजारों एमबीबीएस डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए हैं। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा आयोजित फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन (FMGE) में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है। देश में चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी के बावजूद, इन छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में खामियों के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए भूख हड़ताल का रास्ता चुना है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रक्रिया में स्पष्टता नहीं लाई जाती और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। इस भूख हड़ताल के आठवें दिन भी कई डॉक्टर डटे हुए हैं, जिनमें जसवंत यादव, देवी मीणा, शाहीन, आर्यन यादव, आशीष और अजम जैसे नाम शामिल हैं।
अरविंद केजरीवाल ने किया समर्थन का ऐलान
इस पूरे मामले में अब राजनीति भी गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया है। केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के उन होनहार डॉक्टरों के भविष्य और उनकी गरिमा की लड़ाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की मांगें पूरी तरह से जायज हैं और उनकी पार्टी इस संघर्ष में उनके साथ खड़ी है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस प्रदर्शन को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सत्ता के दबाव में इस अधिकार को कुचलने की कोशिश की जा रही है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक सोमनाथ भारती लगातार धरना स्थल पर जाकर डॉक्टरों का हौसला बढ़ा रहे हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासनिक बाधाओं के बीच जारी है संघर्ष
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का आरोप है कि उन्हें एमसीडी और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्क में जमा हुए हजारों डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन संबंधित बोर्ड की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। इस अनिश्चितता के कारण सैकड़ों छात्रों का करियर प्रभावित हो रहा है।
आंदोलन के आठवें दिन भी डॉक्टरों का जज्बा कम नहीं हुआ है। भूख हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों का कहना है कि वे अपनी सेहत की परवाह किए बिना तब तक प्रदर्शन जारी रखेंगे जब तक कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करता। इस मुद्दे ने अब राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है, जिससे मेडिकल छात्रों के बीच आक्रोश और बढ़ गया है।
आगे की राह और भविष्य की चुनौतियां
वर्तमान में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। एक ओर जहां डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बातचीत का न्योता नहीं मिला है। जानकारों का मानना है कि यदि इस मामले को जल्द नहीं सुलझाया गया, तो यह विरोध प्रदर्शन और अधिक उग्र हो सकता है। चिकित्सा जगत से जुड़े अन्य संगठनों ने भी इस आंदोलन के प्रति सहानुभूति व्यक्त की है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करती है या फिर डॉक्टरों को अपनी मांगों के लिए और लंबा संघर्ष करना पड़ेगा। फिलहाल, गौतम नगर का यह पार्क डॉक्टरों के लिए एक केंद्र बिंदु बन गया है, जहां से वे अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। देश के भविष्य के इन डॉक्टरों की मांगें पूरी होंगी या नहीं, यह समय ही बताएगा।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!