फतेहपुर में कार्गो एयरपोर्ट की मांग पर गरमाई सियासत, सपा विधायक और पूर्व भाजपा विधायक आमने-सामने
फतेहपुर जिले में कार्गो एयरपोर्ट की मांग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को जिले के दौरे के दौरान एक जनसभा में कहा था कि यदि सदर विधानसभा में भाजपा का विधायक होता तो शहर की तस्वीर अलग होती।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

कार्गो एयरपोर्ट की मांग पर छिड़ा सियासी संग्राम
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में कार्गो एयरपोर्ट की स्थापना की मांग ने अब एक गंभीर राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं। विवाद की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया दौरे के बाद हुई, जिसमें उन्होंने सदर विधानसभा सीट पर भाजपा का विधायक न होने को विकास की राह में एक बाधा के रूप में पेश किया था।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद सदर से सपा विधायक चंद्र प्रकाश लोधी ने सरकार पर क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने सार्वजनिक मंच से सवाल उठाया कि सरकार ने फतेहपुर में कार्गो एयरपोर्ट की मांग को गंभीरता से क्यों नहीं लिया। सपा विधायक का तर्क है कि इस तरह की परियोजना से जिले की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पूर्व भाजपा विधायक का पलटवार और तर्क
सपा विधायक के आरोपों का जवाब देते हुए सदर विधानसभा के पूर्व भाजपा विधायक विक्रम सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने चंद्र प्रकाश लोधी के कार्यकाल और उनके पूर्व के नगर पालिका चेयरमैन रहने के दौरान किए गए कार्यों पर सवाल उठाए। विक्रम सिंह ने कहा कि जो व्यक्ति नगर पालिका के स्तर पर बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं कर सका, वह कार्गो एयरपोर्ट जैसी बड़ी परियोजनाओं की बात कर रहा है, जो कि तर्कहीन है।
विक्रम सिंह ने कार्गो एयरपोर्ट की व्यावहारिकता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी हवाई अड्डे के संचालन के लिए उस क्षेत्र में पर्याप्त औद्योगिक उत्पादन और माल की उपलब्धता अनिवार्य है। उनके अनुसार, वर्तमान में फतेहपुर में ऐसा कोई बड़ा औद्योगिक आधार नहीं है जो कार्गो विमानों के नियमित संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहारिक बना सके।
निवेश और सुरक्षा का मुद्दा
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि जिले में उद्योगों की कमी के पीछे राजनीतिक माहौल जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जब तक जिले में निवेश के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण नहीं बनेगा, तब तक कोई भी बड़ा उद्योगपति यहां अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आगे नहीं आएगा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर अपराधियों और गैंगस्टरों की तस्वीरें दिखेंगी, तो निवेश की उम्मीद करना बेमानी है।
विक्रम सिंह ने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान में किसानों की उपज और अन्य सामानों के परिवहन के लिए रेल मार्ग सबसे सुलभ और सस्ता साधन है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार को पहले जिले की बुनियादी सुविधाओं और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में बड़े निवेश का रास्ता साफ हो सके।
आगे की स्थिति
फिलहाल, इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। जहां सपा विधायक इसे क्षेत्र के विकास की उपेक्षा बता रहे हैं, वहीं भाजपा नेता इसे विपक्ष की अपरिपक्व मांग करार दे रहे हैं। स्थानीय जनता अब यह देख रही है कि क्या यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगा या भविष्य में जिले के विकास के लिए कोई ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!