फरीदाबाद टोल प्लाजा पर कर्मचारी की मौत का वीडियो वायरल, परिजनों ने कार से टक्कर का लगाया आरोप
फरीदाबाद में गुरुग्राम रोड स्थित बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर एक कर्मचारी अचानक बैरियर के पास मुंह के बल जा गिरा। वह करीब 25 सेकेंड तक जमीन पर पड़ा तड़पता रहा।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर कर्मचारी की मौत का मामला
फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड स्थित बंधवाड़ी टोल प्लाजा पर तैनात एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कर्मचारी टोल बैरियर के पास अचानक मुंह के बल गिरता हुआ दिखाई दे रहा है। गिरने के बाद वह करीब 25 सेकेंड तक जमीन पर तड़पता रहा और फिर अचेत हो गया। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी।
मृतक की पहचान 36 वर्षीय राजेंद्र के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला था। राजेंद्र पिछले 13 वर्षों से बंधवाड़ी टोल पर सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था। वह अपने तीन बच्चों का अकेला पालन-पोषण कर रहा था। घटना 1 सितंबर की बताई जा रही है, जिसके बाद से ही परिजनों और टोल प्रबंधन के बीच विवाद गहरा गया है।
परिजनों के गंभीर आरोप और घटनाक्रम
मृतक के परिजनों ने टोल प्रबंधन और एक अज्ञात कार चालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि ड्यूटी के दौरान एक वैगनआर कार ने पीछे हटते समय राजेंद्र को टक्कर मार दी थी, जिससे उसका सिर सड़क पर जा टकराया। आरोप है कि कार चालक ने मौके पर मौजूद एक अन्य कर्मचारी को इलाज के नाम पर 1,000 रुपये दिए और वहां से फरार हो गया। परिजनों का कहना है कि टक्कर के करीब 10 मिनट बाद राजेंद्र की तबीयत बिगड़ी और वह गिर पड़ा।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि टोल प्रबंधन ने समय रहते राजेंद्र को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की। उनका दावा है कि यदि उसे तुरंत चिकित्सा सहायता मिलती, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। काफी देर बाद जब परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रबंधन और पुलिस का पक्ष
टोल इंचार्ज ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि पहले टोल का संचालन रिलायंस के पास था, तब वहां एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध थी। हालांकि, अब पीडब्ल्यूडी द्वारा संचालन किए जाने के कारण टोल पर एंबुलेंस की कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने घटना के बारे में अधिक जानकारी होने से इनकार किया है।
दूसरी ओर, ग्वाल पहाड़ी पुलिस चौकी के इंचार्ज नरबीर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का प्राथमिक कारण हार्ट अटैक सामने आया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच में कार से टक्कर का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है और शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं पाए गए हैं। फिलहाल, शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
जांच की दिशा
यह घटना अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुकी है। जहां एक तरफ पुलिस इसे प्राकृतिक मौत मानकर चल रही है, वहीं परिजनों का सीसीटीवी फुटेज और कार चालक के व्यवहार को लेकर किया गया दावा जांच के लिए महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोग और मृतक के परिजन अब निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!