फरीदाबाद: राशन डिपो पर सीएम फ्लाइंग का छापा, 415 क्विंटल गेहूं गायब मिलने पर एफआईआर
फरीदाबाद के गांव अजरौंदा में सीएम फ्लाइंग और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने राशन डिपो का औचक निरीक्षण किया। टीम ने डिपो धारक सुमित के खिलाफ मामला दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

अजरौंदा गांव में सरकारी राशन में बड़ी धांधली का खुलासा
फरीदाबाद के गांव अजरौंदा में सरकारी राशन वितरण प्रणाली में एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। सीएम फ्लाइंग स्क्वाड और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने एक राशन डिपो पर औचक छापेमारी की, जिसमें रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। प्रारंभिक जांच में डिपो से सैकड़ों क्विंटल अनाज गायब होने की पुष्टि हुई है।
छापेमारी के दौरान डिपो धारक सुमित मौके से नदारद मिला। टीम ने डिपो के रिकॉर्ड की गहन जांच की, जिससे पता चला कि सरकारी गोदाम से आवंटित अनाज पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने के बजाय बाजार में खपाया जा रहा था। इस गंभीर अनियमितता के बाद विभाग ने डिपो धारक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
स्टॉक में 415 क्विंटल गेहूं की भारी कमी
सीएम फ्लाइंग टीम के सदस्य सतबीर ने बताया कि राधा स्वामी सत्संग सेंटर के समीप स्थित इस डिपो के ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार, वहां 551 क्विंटल गेहूं, 121 क्विंटल बाजरा, 2 क्विंटल चीनी और 3805 लीटर सरसों का तेल मौजूद होना चाहिए था। हालांकि, जब टीम ने भौतिक सत्यापन किया, तो गेहूं का स्टॉक रिकॉर्ड से 415 क्विंटल कम पाया गया।
जांच के दौरान डिपो धारक सुमित को बार-बार बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचा। अंततः, टीम ने डिपो धारक प्रेम सिंह और स्थानीय मकान मालिक की मौजूदगी में स्टॉक का मिलान किया। रिकॉर्ड में इतनी बड़ी मात्रा में अनाज की कमी ने कालाबाजारी की आशंका को पुख्ता कर दिया है।
कालाबाजारी और एफआईआर की कार्रवाई
पूछताछ और प्रारंभिक साक्ष्यों से संकेत मिले हैं कि सुमित पिछले एक महीने से इस स्थान से राशन वितरण का कार्य कर रहा था। अधिकारियों का मानना है कि गरीब परिवारों के लिए आवंटित राशन को खुले बाजार में बेचकर अवैध मुनाफा कमाया जा रहा था। यह सरकारी संसाधनों की सीधी चोरी का मामला है।
खाद्य निरीक्षक रूप चंद की शिकायत पर फरीदाबाद के सेंट्रल थाना में डिपो धारक सुमित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच करेगी कि इस घोटाले में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं और गायब हुआ अनाज कहां भेजा गया।
दूसरे डिपो की जांच में सब कुछ मिला सही
टीम ने इसी क्षेत्र में स्थित प्रेम सिंह के राशन डिपो की भी जांच की। वहां का स्टॉक ऑनलाइन रिकॉर्ड के साथ पूरी तरह मेल खाता पाया गया। गेहूं, चीनी और सरसों के तेल की मात्रा रिकॉर्ड के अनुसार ही सही पाई गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अनियमितताएं केवल सुमित के डिपो तक ही सीमित थीं।
फिलहाल, प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डिपो के रिकॉर्ड को जब्त कर लिया है। आने वाले दिनों में विभाग अन्य डिपो की भी औचक जांच कर सकता है ताकि राशन वितरण में पारदर्शिता बनी रहे और गरीबों का हक सुरक्षित रहे।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!