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फरीदाबाद में नकली फार्मा केमिकल का भंडाफोड़, 25 लाख का माल जब्त और मैनेजर गिरफ्तार

हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने फरीदाबाद में फार्मास्युटिकल ग्रेड प्रोपिलीन ग्लाइकोल की कथित जालसाजी का बड़ा मामला पकड़ा है। सेक्टर-69 आईएमटी स्थित एक कंपनी में की गई कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम ने करीब 24.83 लाख रुपये का संदिग्ध सामान जब्त किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

29 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें
फरीदाबाद में नकली फार्मा केमिकल का भंडाफोड़, 25 लाख का माल जब्त और मैनेजर गिरफ्तार
मूल स्रोत

फरीदाबाद में फार्मास्युटिकल ग्रेड केमिकल के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा

हरियाणा के फरीदाबाद में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। सेक्टर-69 स्थित आईएमटी क्षेत्र में एक कंपनी पर छापेमारी के दौरान विभाग ने करीब 24.83 लाख रुपये मूल्य का संदिग्ध प्रोपिलीन ग्लाइकोल जब्त किया है। यह केमिकल दवाओं के निर्माण में एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में इस्तेमाल होता है, जिसकी शुद्धता सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी होती है।

जांच में सामने आया है कि कंपनी चीन से आयातित इंडस्ट्रियल ग्रेड प्रोपिलीन ग्लाइकोल को प्रतिष्ठित ब्रांड के ड्रमों में भरकर उसे फार्मास्युटिकल ग्रेड बताकर बाजार में खपाने की तैयारी कर रही थी। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि कफ सिरप जैसी दवाओं में इस केमिकल का उपयोग एक्सिपिएंट के रूप में किया जाता है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की मिलावट जानलेवा हो सकती है।

छापेमारी में बरामद हुए री-पैकिंग के उपकरण

औषधि विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान मौके से 42 ड्रम संदिग्ध केमिकल बरामद किए। इसके अलावा, इंडस्ट्रियल ग्रेड केमिकल के खाली ड्रम, ब्रांडेड सीलिंग कवर, सीलिंग वायर और ट्रांसफर पंप भी जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों से स्पष्ट है कि कंपनी बड़े स्तर पर री-पैकिंग का अवैध कारोबार चला रही थी। जब्त किए गए नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता चल सके कि इसमें एथिलीन ग्लाइकोल या डाईएथिलीन ग्लाइकोल जैसे जहरीले तत्वों की मात्रा तो नहीं है।

यह कार्रवाई स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के निर्देशों और एफडीए आयुक्त डॉ. मनोज कुमार के नेतृत्व में नकली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है। अधिकारियों का दावा है कि देश में किसी स्थापित निर्माता के ब्रांड नाम का उपयोग कर इस तरह की री-पैकिंग का यह पहला मामला सामने आया है।

स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा और कानूनी कार्रवाई

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दवाओं में इंडस्ट्रियल ग्रेड प्रोपिलीन ग्लाइकोल का उपयोग किया जाता है, तो यह किडनी फेल होने और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचाने का कारण बन सकता है। हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में जहरीली दवाओं से हुई मौतों के मामलों में ऐसे रसायनों की भूमिका सामने आई है। फरीदाबाद की इस कार्रवाई को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत कंपनी के मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस और एफडीए की संयुक्त टीम अब इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। यह जांच की जा रही है कि यह केमिकल कहां से आया था और इसे किन-किन दवा निर्माता कंपनियों को सप्लाई करने की योजना थी।

फिलहाल, प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दवाओं की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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