ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

फरीदाबाद: बीके अस्पताल का हार्ट सेंटर फिर बंद, मशीनें ले जाने पर मचा बवाल

फरीदाबाद के बीके अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर चल रहा मेडिट्रीना ग्रुप का हार्ट सेंटर एक बार फिर बंद हो गया है। स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी मिली तो अधिकारियों ने पुलिस को मौके पर बुलाकर सामान ले जाने से रोक दिया।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

25 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
फरीदाबाद: बीके अस्पताल का हार्ट सेंटर फिर बंद, मशीनें ले जाने पर मचा बवाल
मूल स्रोत

पांच महीने पहले ही हुआ था शुभारंभ

फरीदाबाद के बीके अस्पताल में पीपीपी मॉडल के तहत संचालित मेडिट्रीना ग्रुप का हार्ट सेंटर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। महज पांच महीने पहले ही कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने इस सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया था, लेकिन अब इसके अचानक बंद होने और वहां मौजूद कीमती चिकित्सा उपकरणों को बाहर ले जाने की कोशिश ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सतर्क हो गए। अस्पताल परिसर से दो ट्रकों में चिकित्सा मशीनें और अन्य सामान लादे जाने की सूचना पर स्थानीय पुलिस को तुरंत मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों ट्रकों को अस्पताल परिसर में ही रुकवा दिया, जिससे मशीनों को बाहर ले जाने का प्रयास विफल हो गया।

भुगतान को लेकर आमने-सामने विभाग और कंपनी

इस पूरे मामले में मेडिट्रीना ग्रुप ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कंपनी के कर्मचारियों का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनका करीब 8.5 करोड़ रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित है। कंपनी का कहना है कि इस संबंध में 21 जुलाई को सीएमओ, डीजीएचएस और अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया था। कई दौर की बैठकों के बावजूद समाधान न निकलने के कारण कंपनी ने अपना सामान वापस ले जाने का निर्णय लिया था।

दूसरी ओर, सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने कंपनी के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में कोई भी बिल लंबित नहीं है और जो भी बिल प्राप्त हुए थे, उनका भुगतान समय पर किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अनुबंध की शर्तों के अनुसार, बिना विभागीय अनुमति के अस्पताल से इस प्रकार मशीनों को बाहर ले जाना पूरी तरह से गलत है।

मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

बीके अस्पताल का यह हार्ट सेंटर फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत माना जाता था। यहाँ निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम दरों पर हृदय संबंधी उपचार और स्टेंट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध थीं। सेंटर के बार-बार बंद होने से अब उन मरीजों के सामने संकट खड़ा हो गया है, जो कम खर्च में इलाज की उम्मीद लेकर यहां आते थे।

फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों और मुख्यालय को भेज दी है। विभाग का कहना है कि मुख्यालय से मिलने वाले निर्देशों के आधार पर ही आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी। तब तक के लिए मशीनों को अस्पताल परिसर में ही सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की अगली रणनीति

अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेडिट्रीना की ओर से की गई यह एकतरफा कार्रवाई नियमों का उल्लंघन है। पुलिस की मदद से फिलहाल सामान को सुरक्षित कर लिया गया है, लेकिन सेंटर के भविष्य को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि अनुबंध की शर्तों का पालन किस हद तक किया गया और भविष्य में मरीजों को निर्बाध सेवाएं कैसे दी जा सकेंगी।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें