डूंगरपुर में वात्रक एनीकट में नहाने उतरे 6 बच्चे, 4 की डूबने से दर्दनाक मौत
डूंगरपुर जिले में धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में वात्रक एनीकट में डूबने से 3 सगे भाई बहन और एक फुफेरी बहन की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि 2 को जिंदा बचा लिया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

खुशियों के बीच पसरा मातम
राजस्थान के डूंगरपुर जिले में रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। धम्बोला थाना क्षेत्र के लिखी बड़ी गांव में स्थित वात्रक एनीकट में नहाने गए छह बच्चे गहरे पानी की चपेट में आ गए। इस हादसे में चार भाई-बहनों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चों को स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बचा लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतकों में तीन सगे भाई-बहन और उनकी एक फुफेरी बहन शामिल है। पुलिस के अनुसार, हादसे का शिकार हुए बच्चों में बाबू सिंह डामोर की बेटी हिना (24), बेटा प्रतीक (20) और छोटी बेटी इशिता (15) शामिल हैं। इनके साथ ही गुजरात के पालनपुर से आई उनकी फुफेरी बहन रौनक (20) ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में जीवित बचाए गए राजवीर और जयसिंह को तुरंत सीमलवाड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
छुट्टियों के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रौनक चार दिन पहले ही अपने मामा के घर छुट्टियां मनाने आई थी। रविवार सुबह सभी बच्चे घूमने की बात कहकर घर से निकले थे। वात्रक एनीकट के पास मंदिर होने के कारण वहां अक्सर लोगों का आना-जाना रहता है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह स्थान खतरनाक साबित हुआ। नहाते समय अचानक पानी की गहराई का अंदाजा न मिलने से बच्चे डूबने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने दो बच्चों को तो पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन चार अन्य को बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बाबू सिंह डामोर के परिवार के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है, क्योंकि उनके घर के सभी बच्चे इस हादसे में काल के गाल में समा गए।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक बच्चों के भविष्य को लेकर परिवार ने कई सपने संजोए थे। हिना गांव के ही एक निजी स्कूल में शिक्षिका थी, जबकि प्रतीक ने हाल ही में 12वीं की पढ़ाई पूरी कर कॉलेज में प्रवेश की तैयारी की थी। सबसे छोटी इशिता 11वीं कक्षा की छात्रा थी। इन बच्चों की असमय मृत्यु ने माता-पिता को पूरी तरह तोड़ दिया है। घर के सभी बच्चों के एक साथ चले जाने से गांव में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
घटना की सूचना पाकर पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रौनक के परिजन सूचना मिलते ही पालनपुर से डूंगरपुर के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एनीकट और तालाबों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!