धार में जमीन सौदे के नाम पर 66 लाख की ठगी, सरकारी रिकॉर्ड में नहीं मिला विक्रेता का नाम
धार जिले के घाटाबिल्लौद में जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इंदौर के निहालपुर मुंडी निवासी कैलाश गौड़ ने बेटे ऋषि गौड़ के साथ गुरुवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

धार में जमीन के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी
मध्य प्रदेश के धार जिले में जमीन खरीदने के नाम पर 66 लाख रुपये की धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंदौर के निहालपुर मुंडी निवासी कैलाश गौड़ और उनके बेटे ऋषि गौड़ ने एसपी कार्यालय पहुंचकर इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपी ने जमीन बेचने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठ ली, लेकिन न तो जमीन दी और न ही पैसे वापस किए।
पीड़ितों के अनुसार, यह पूरा मामला साल 2013 का है। आरोपी राम खंडेलवाल ने उनसे संपर्क कर ग्राम ओसरोद, तहसील देपालपुर स्थित सर्वे नंबर 26 की 0.328 हेक्टेयर कृषि भूमि बेचने का प्रस्ताव रखा था। उस समय जमीन का सौदा 50 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से तय हुआ था और कुल 66 लाख रुपये की राशि तय की गई थी।
सरकारी रिकॉर्ड में नहीं मिला विक्रेता का नाम
कैलाश गौड़ ने बताया कि 10 जनवरी 2013 को दो गवाहों की मौजूदगी में उन्होंने पूरी रकम नकद के रूप में आरोपी को सौंप दी थी। इस सौदे का एक इकरारनामा भी तैयार किया गया था। हालांकि, जब बाद में उन्होंने सरकारी दस्तावेजों की जांच की, तो उन्हें पता चला कि सर्वे नंबर 26 की भूमि पर राम खंडेलवाल का नाम कहीं दर्ज ही नहीं था। यह जानकर उनके होश उड़ गए कि उन्होंने जिस व्यक्ति को पैसे दिए, उसका उस जमीन पर कोई मालिकाना हक ही नहीं था।
जब पीड़ितों ने इस विसंगति के बारे में आरोपी से सवाल किया और अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें लगातार टालमटोल किया जाने लगा। आरोप है कि राम खंडेलवाल ने उन्हें पैसे लौटाने के नाम पर चेक भी दिए, लेकिन जब वे बैंक पहुंचे तो पता चला कि संबंधित खाता पहले ही बंद हो चुका था। इस तरह आरोपी ने उन्हें लंबे समय तक धोखे में रखा।
धमकी देने और पुलिस कार्रवाई की मांग
ऋषि गौड़ ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने बार-बार अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास इकरारनामा और अन्य सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं, जो इस धोखाधड़ी की पुष्टि करते हैं। इस घटना के कारण उनका परिवार भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
गुरुवार को पिता-पुत्र ने एसपी सचिन शर्मा के नाम एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर को आवेदन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एडिशनल एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें घाटाबिल्लौद चौकी पर जाकर विस्तृत जानकारी देने और सबूत पेश करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस जांच की दिशा
पुलिस अब पीड़ितों द्वारा दिए गए दस्तावेजों और इकरारनामे की बारीकी से जांच कर रही है। घाटाबिल्लौद चौकी को इस मामले में आगे की कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपी ने और कितने लोगों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की है। फिलहाल, इस मामले ने क्षेत्र में जमीन सौदों में बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!