देवास: दूध गर्म करते ही रबर की तरह खिंचने लगा, वायरल वीडियो के बाद डेयरी सील
देवास के बागली क्षेत्र के छतरपुरा गांव में एक निजी डेयरी के दूध का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में दूध को गर्म करने पर वह जैली जैसा होकर रबर की तरह खिंचता दिखाई दे रहा है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

मध्य प्रदेश के देवास जिले के बागली क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां छतरपुरा गांव में स्थित एक निजी डेयरी का दूध उस समय विवादों में आ गया, जब उसे गर्म करने पर वह सामान्य दूध की तरह उबलने के बजाय रबर की तरह खिंचने लगा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित डेयरी को सील कर दिया है।
वीडियो में दिखा दूध का अजीब व्यवहार
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि दूध को गर्म करने के दौरान वह पूरी तरह से जैली जैसा हो गया है। जब उसे किसी बर्तन से उठाने की कोशिश की गई, तो वह रबर की तरह लंबा खिंचता हुआ दिखाई दिया। इस असामान्य स्थिति को देखकर स्थानीय निवासी राहुल पाटीदार ने इसकी शिकायत खाद्य विभाग से की। शिकायतकर्ता का दावा है कि डेयरी से खरीदा गया दूध पूरी तरह से मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
शिकायत मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए डेयरी को सील कर दिया गया है ताकि आगे की जांच में कोई बाधा न आए।
सैंपल जांच के लिए भेजे गए
खाद्य विभाग की टीम ने डेयरी से दूध के नमूने एकत्रित किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी इस डेयरी से सैंपल लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है। रविवार को की गई कार्रवाई के दौरान दोबारा सैंपल लिए गए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दूध में किस तरह की मिलावट की गई थी और क्या इसमें कोई हानिकारक रसायन मौजूद है।
कार्रवाई के दौरान मौके पर कुछ ग्रामीणों और स्थानीय दुकानदारों ने विरोध भी दर्ज कराया, लेकिन विभाग ने अपनी प्रक्रिया जारी रखी। विभाग का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संचालक ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, डेयरी संचालक विशाल विश्वकर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि जिस दिन शिकायतकर्ता ने दूध खरीदा था, उसी दिन डेयरी से लगभग 80 से 90 लीटर दूध अन्य ग्राहकों को भी बेचा गया था। संचालक का तर्क है कि यदि दूध में कोई खराबी होती, तो अन्य ग्राहकों की ओर से भी शिकायतें आनी चाहिए थीं, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति ने दूध की गुणवत्ता को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई है।
संचालक ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए कहा कि उनके व्यवसाय को बदनाम करने के लिए यह वीडियो वायरल किया गया है। हालांकि, सच्चाई क्या है, यह अब प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।
आगे की कार्रवाई और जांच का इंतजार
फिलहाल, प्रशासन ने डेयरी को सील कर दिया है और क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट में यदि मिलावट की पुष्टि होती है, तो डेयरी संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!