देवरिया: सरकारी जमीन के विवाद में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से हमले का वीडियो वायरल
देवरिया जिले के बघौचघाट थाना क्षेत्र की पकहा ग्राम सभा के चार पटिया टोला में रविवार शाम सरकारी जमीन के विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सरकारी जमीन को लेकर दो गुटों के बीच हुआ हिंसक टकराव चर्चा का विषय बना हुआ है। बघौचघाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पकहा ग्राम सभा के चार पटिया टोला में रविवार की शाम को स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब दो पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। इस दौरान लाठी-डंडों का जमकर इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
वीडियो में कैद हुई हिंसा की तस्वीरें
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि एक दर्जन से अधिक लोग एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। घटना रविवार शाम करीब 6:30 बजे की बताई जा रही है। इस हिंसक झड़प में एक पक्ष के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी पहचान किशन देव शाही, केशव शाही और मृत्युंजय शाही के रूप में हुई है।
मारपीट की सूचना मिलते ही बघौचघाट थाने की पुलिस टीम तीन वाहनों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें बेहोशी की हालत में भर्ती कराया गया। फिलहाल घायलों का उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जमीन विवाद की पुरानी है जड़
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह विवाद अचानक पैदा नहीं हुआ है, बल्कि दोनों पक्षों के बीच सरकारी जमीन को लेकर काफी समय से रंजिश चल रही है। विवाद का मुख्य कारण ग्राम सभा की जमीन पर कथित रूप से अवैध निर्माण बताया जा रहा है। एक पक्ष का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर मकान बना लिया है, जबकि दूसरा पक्ष अपनी निजी जमीन तक पहुंचने के लिए उसी रास्ते की मांग कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी जमीन के मुद्दे पर पहले भी कई बार दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और छोटी-मोटी झड़पें हो चुकी हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण यह विवाद रविवार को हिंसक रूप में तब्दील हो गया, जिससे कई लोग घायल हो गए और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की स्थिति
बघौचघाट थानाध्यक्ष अनिल तिवारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत या तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर मिलेगी, उसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में एहतियात के तौर पर नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!