रोहतक में डेंगू का बढ़ा खतरा: सितंबर में मिले 10 नए मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
रोहतक में बरसात के मौसम के बाद डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। डेंगू के सितंबर में 10 केस आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

हरियाणा के रोहतक जिले में बरसात के बाद डेंगू का प्रकोप तेजी से पैर पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में अब तक डेंगू के 10 नए मामले सामने आए हैं, जिससे जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 15 तक पहुंच गई है। अचानक बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है और प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक फैला संक्रमण
डेंगू के मामले केवल शहरी क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी अपनी दस्तक दे चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के उत्तम विहार, सुखपुरा चौक, सेक्टर-3, सेक्टर-14, सैनिक कॉलोनी, कमल कॉलोनी, शीतल नगर, नेहरू कॉलोनी और शोरा कोठी जैसे इलाकों में मरीज पाए गए हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में खेड़ी साध, मकडोली कलां, सांगाहेड़ा, सुनारियां कलां और मदीना जिंदरान जैसे गांवों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है।
विभाग की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक कुल 2718 लोगों के सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है। वर्तमान में 15 पॉजिटिव मरीजों में से 14 मरीज अपने घरों पर ही उपचार करवा रहे हैं, जबकि एक मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों के घरों पर जाकर उनके परिजनों के भी ब्लड सैंपल ले रही हैं ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और बचाव के निर्देश
डेंगू के मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर फॉगिंग अभियान शुरू किया है। जिन घरों में डेंगू का लार्वा पाया जा रहा है, वहां विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं और पानी की टंकियों को खाली करवाया जा रहा है। मलेरिया विभाग की टीमें भी लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि डेंगू को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है। पिछले वर्ष 2025 में जिले में डेंगू के 205 मामले दर्ज किए गए थे और 4072 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस दिए गए थे। इस बार भी विभाग किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने आसपास पानी जमा न होने दें और पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
पिछले आंकड़ों से सबक
पिछले साल के आंकड़ों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस बार पहले से ही कमर कस ली है। सितंबर महीने में ही 10 मामले सामने आने के बाद विभाग ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है। आम जनता से अपील की गई है कि यदि किसी को बुखार या डेंगू के लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपनी जांच करवाएं और स्वयं उपचार करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें।
आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें और अधिक सक्रिय होंगी। फॉगिंग और लार्वा चेकिंग का काम लगातार जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डेंगू जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए जन-सहयोग अत्यंत आवश्यक है। लोगों को अपने घरों के कूलर, गमलों और छतों पर रखे पुराने सामान में पानी जमा न होने देने के लिए विशेष हिदायत दी गई है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!