ब्रेकिंग
लखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामागोरखपुर में खौफनाक वारदात: 7वीं के छात्र की हत्या के बाद दोस्त ने दी जान, सीसीटीवी से खुला राजझांसी में पत्नी की गला घोंटकर हत्या: लव मैरिज के बाद शक और दहेज के लिए करता था प्रताड़ितअंबाला में निर्माणाधीन इमारत ढही: लेंटर डालते समय हुआ हादसा, 4 मजदूरों की दर्दनाक मौतगोरखपुर: सोशल मीडिया पर व्यूज पाने के लिए बनाया पुलिसकर्मी को पीटने का फर्जी वीडियो, दो गिरफ्तारभोपाल में आम आदमी पार्टी का शक्ति प्रदर्शन: भाजपा के 20 साल के शासन को बताया विफल
लखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामागोरखपुर में खौफनाक वारदात: 7वीं के छात्र की हत्या के बाद दोस्त ने दी जान, सीसीटीवी से खुला राजझांसी में पत्नी की गला घोंटकर हत्या: लव मैरिज के बाद शक और दहेज के लिए करता था प्रताड़ितअंबाला में निर्माणाधीन इमारत ढही: लेंटर डालते समय हुआ हादसा, 4 मजदूरों की दर्दनाक मौतगोरखपुर: सोशल मीडिया पर व्यूज पाने के लिए बनाया पुलिसकर्मी को पीटने का फर्जी वीडियो, दो गिरफ्तारभोपाल में आम आदमी पार्टी का शक्ति प्रदर्शन: भाजपा के 20 साल के शासन को बताया विफल

दिल्ली पुलिस को मिली नई ताकत: छात्राओं ने तैयार किए 75 सर्विलांस ड्रोन

इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन (आईजीडीटीयूडब्ल्यू) की छात्राएं तकनीकी शिक्षा और इनोवेशन के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने दिल्ली पुलिस के लिए 75 सर्विलांस ड्रोन विकसित कर उनका प्रदर्शन किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

27 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
दिल्ली पुलिस को मिली नई ताकत: छात्राओं ने तैयार किए 75 सर्विलांस ड्रोन
मूल स्रोत

तकनीकी नवाचार में छात्राओं की बड़ी उपलब्धि

इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन (IGDTUW) की छात्राओं ने तकनीकी क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से 75 अत्याधुनिक सर्विलांस ड्रोन विकसित किए हैं। इन ड्रोन्स का सफल प्रदर्शन हाल ही में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान किया गया, जिसमें दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

यह पहल सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत छात्राओं को आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लगभग 8 करोड़ रुपये की फंडिंग आवंटित की है। इसके अतिरिक्त, साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर काम तेजी से चल रहा है।

शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर

विश्वविद्यालय में रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग जैसे भविष्योन्मुखी विषयों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ड्रोन और निगरानी तकनीक में न केवल छात्राओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, बल्कि महिला पुलिसकर्मियों को भी इन तकनीकों से लैस करने के लिए 'नेत्र-नारी-नेतृत्व' जैसी पहल शुरू की गई है। यह कार्यक्रम सुरक्षा बलों में महिलाओं की तकनीकी भागीदारी को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

प्रायोगिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने उद्योग जगत के साथ भी साझेदारी की है। बजाज ऑटो फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित 'बेस्ट सेंटर' के लिए करीब 9 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। यह सहयोग उन्नत विनिर्माण और उभरती हुई तकनीकों पर शोध को नई दिशा प्रदान करेगा, जिससे छात्राओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

प्लेसमेंट में रिकॉर्ड और भविष्य की राह

शैक्षणिक उपलब्धियों के मामले में भी विश्वविद्यालय लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हालिया प्लेसमेंट सीजन में छात्राओं को 1,000 से अधिक जॉब ऑफर मिले हैं, जिसमें सबसे अधिक पैकेज एक करोड़ रुपये तक रहा है। कार्यक्रम के दौरान 'आईजीडीटीयूडब्ल्यू टाइम्स' बुकलेट का विमोचन भी किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय की शोध और नवाचार से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को इस दौरान सम्मानित भी किया गया।

उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्हें भविष्य का इनोवेटर और लीडर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण न केवल व्यक्तिगत विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह राष्ट्रीय विकास और नेतृत्व में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा का उपयोग देश की सुरक्षा और प्रगति के लिए करें।

सुरक्षा और तकनीक का संगम

दिल्ली पुलिस के लिए विकसित किए गए ये 75 ड्रोन आधुनिक सर्विलांस क्षमताओं से लैस हैं, जो शहर की सुरक्षा निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन ड्रोन्स का निर्माण यह दर्शाता है कि शैक्षणिक संस्थान किस प्रकार व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले समय में, इस तरह के और भी प्रोजेक्ट्स के माध्यम से तकनीकी शिक्षा और सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और गहरा होने की उम्मीद है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह के नवाचार न केवल छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी विकसित करते हैं। आने वाले वर्षों में, आईजीडीटीयूडब्ल्यू का लक्ष्य ऐसी तकनीकों पर काम करना है जो सीधे तौर पर समाज और प्रशासन की जरूरतों को पूरा कर सकें। यह पहल न केवल दिल्ली के लिए, बल्कि पूरे देश के तकनीकी संस्थानों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें