दिल्ली में महंगाई से राहत: अब 35 रुपये प्रति किलो मिलेगा प्याज, सरकार ने शुरू की मोबाइल वैन सेवा
राजधानी में प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। बाजार में प्याज के दाम 60-70 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने के बीच खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली में 1,000 मीट्रिक टन प्याज की आपूर्ति की गई है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राजधानी में प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने की तैयारी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से प्याज की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। बाजार में प्याज के दाम 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए थे, जिससे उपभोक्ताओं में भारी चिंता थी। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने अब सक्रिय कदम उठाए हैं और जनता को राहत देने के उद्देश्य से रियायती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने जानकारी दी है कि केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में 1,000 मीट्रिक टन प्याज की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इस स्टॉक के जरिए अब दिल्ली के निवासियों को केवल 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मुख्य लक्ष्य बाजार में कृत्रिम कमी और जमाखोरी को रोककर कीमतों को स्थिर करना है।
मोबाइल वैन के जरिए घर-घर पहुंचेगी राहत
सस्ती प्याज की उपलब्धता को सुगम बनाने के लिए सरकार ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। यह प्याज केंद्रीय भंडार, एनसीसीएफ, नैफेड और मदर डेयरी के सफल आउटलेट्स के साथ-साथ उचित मूल्य की दुकानों पर भी उपलब्ध होगा। इसके अलावा, दिल्ली के सभी 13 जिलों में विशेष मोबाइल वैन तैनात की जा रही हैं, जो अलग-अलग इलाकों में जाकर सीधे उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचेंगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मोबाइल वैन की तैनाती का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना है जो मुख्य बाजारों या सरकारी आउटलेट्स से दूर रहते हैं। इससे आम जनता को लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें उनके घर के पास ही उचित मूल्य पर आवश्यक वस्तुएं मिल सकेंगी।
चीनी और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर भी सरकार की नजर
प्याज के साथ-साथ सरकार चीनी की कीमतों पर भी नजर बनाए हुए है। यदि आने वाले समय में बाजार में स्थिति बिगड़ती है या अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उछाल आता है, तो दिल्ली सरकार नैफेड के माध्यम से चीनी भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इन वस्तुओं की खरीद, परिवहन और वितरण का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बाजार में प्याज की आवक और वितरण पर कड़ी निगरानी रखें। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की किल्लत का सामना न करना पड़े।
भविष्य की रणनीति और सरकारी प्रतिबद्धता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर इस दिशा में काम कर रहे हैं ताकि महंगाई के इस दौर में आम आदमी को राहत मिल सके। आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और यदि आवश्यकता पड़ी तो वितरण नेटवर्क को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
फिलहाल, सरकार का पूरा ध्यान प्याज की आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने पर है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से मंडियों और खुदरा दुकानों का निरीक्षण करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि रियायती दर का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!