दिल्ली जल बोर्ड घोटाला: AAP नेता सत्येंद्र जैन समेत 6 आरोपी कोर्ट में पेश, ACB ने मांगी 14 दिन की न्यायिक हिरासत
दिल्ली जल बोर्ड घोटाला मामले में पूर्व मंत्री और AAP नेता सत्येंद्र जैन समेत 6 आरोपियों को बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। ACB ने सभी को मंगलवार को गिरफ्तार किया था।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी और न्यायिक हिरासत की मांग
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े कथित घोटाले के मामले में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन सहित कुल छह आरोपियों को बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने इन सभी को मंगलवार को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने अदालत से सभी आरोपियों के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की है, जबकि पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव की पुलिस रिमांड की मांग की गई है।
गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय, एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा शामिल हैं। कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी है।
गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक साजिश
कोर्ट ले जाए जाते समय सत्येंद्र जैन ने अपनी गिरफ्तारी को पंजाब विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उनके कानूनी सलाहकारों ने भी गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। वकीलों का तर्क है कि मई 2024 में दर्ज हुई एफआईआर के बाद जैन को अचानक फोन कर बुलाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उनके खिलाफ कोई ठोस आधार नहीं है। वहीं, उदित प्रकाश राय के वकील ने भी गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा कि वे वर्तमान में मिजोरम सरकार में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर की गई है। केजरीवाल का दावा है कि बुधवार सुबह तक ACB की ऐसी कोई योजना नहीं थी, लेकिन ऊपर से दबाव आने के बाद आनन-फानन में यह कदम उठाया गया।
क्या है दिल्ली जल बोर्ड घोटाला?
ACB के अनुसार, यह मामला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के अपग्रेडेशन और विस्तार से जुड़े चार टेंडरों में हुई कथित अनियमितताओं से संबंधित है। आरोप है कि टेंडर की तकनीकी शर्तों में इस तरह बदलाव किए गए ताकि एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाया जा सके और प्रतिस्पर्धा को खत्म किया जा सके। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के खातों में करीब 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत पहुंचाई गई थी।
इस मामले की जांच 11 मई 2024 को दर्ज हुई एफआईआर के बाद शुरू हुई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है। दिसंबर 2025 में ED ने 14 लोगों के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की थी, जिसमें करीब 17.70 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन का दावा किया गया है।
सत्येंद्र जैन का कानूनी संघर्ष
सत्येंद्र जैन के लिए यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वे आय से अधिक संपत्ति के मामले में करीब 872 दिन जेल में बिताने के बाद अक्टूबर 2024 में जमानत पर बाहर आए थे। उन पर 2017 से ही CBI और ED के कई मामले चल रहे हैं, जिनमें CCTV प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार और स्कूल क्लासरूम निर्माण में अनियमितता जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
जेल में रहने के दौरान भी सत्येंद्र जैन सुर्खियों में रहे थे, जब उनके तिहाड़ जेल के अंदर मसाज कराने और वीआईपी ट्रीटमेंट लेने के वीडियो वायरल हुए थे। उस समय भी यह मामला राजनीतिक गलियारों में काफी गरमाया था और भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर जेल के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!