यमुना की सफाई के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: 4500 करोड़ की लागत से बनेंगे 15 नए सीवेज प्लांट
नई दिल्ली। यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार को हुई 179वीं बोर्ड बैठक में करीब ₹4,500 करोड़ की यमुना पुनर्जीवन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों को गति देते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड की 179वीं बैठक में यमुना पुनर्जीवन के लिए लगभग 4,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नदी में गिरने वाले अनुपचारित सीवेज को रोकना और जल गुणवत्ता में सुधार करना है।
15 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से बदलेगी तस्वीर
दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष और जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने बताया कि यमुना को स्वच्छ करने के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार अनिवार्य है। नई स्वीकृतियों के तहत दिल्ली में 15 नए विकेंद्रीकृत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) स्थापित किए जाएंगे। इससे पहले से स्वीकृत 13 प्लांटों के साथ मिलकर इनकी कुल संख्या 28 हो जाएगी। इन प्लांटों की विशेषता यह है कि सीवेज का उपचार उसी स्थान पर किया जाएगा जहां से वह उत्पन्न होता है, जिससे लंबी सीवर लाइनों पर दबाव कम होगा।
वर्तमान में दिल्ली में प्रतिदिन करीब 1,000 एमजीडी सीवेज उत्पन्न होता है। सरकार ने मौजूदा एसटीपी की क्षमता को 749 एमजीडी से बढ़ाकर 814 एमजीडी तक पहुंचा दिया है। इन नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद, शहर की कुल उपचार क्षमता 1,041 एमजीडी तक पहुंच जाएगी, जो दिल्ली में उत्पन्न होने वाले कुल सीवेज से अधिक है। सरकार ने इन 15 नए प्लांटों को 21 महीने की समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सीवर नेटवर्क का होगा व्यापक विस्तार
यमुना सफाई अभियान के तहत केवल ट्रीटमेंट प्लांट ही नहीं, बल्कि सीवर नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है। नई योजनाओं के अंतर्गत 989 किलोमीटर लंबा नया सीवर नेटवर्क बिछाया जाएगा। इस विस्तार से दिल्ली की 244 कॉलोनियों और 57 गांवों को पहली बार सीवर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों का गंदा पानी सीधे यमुना में जाने के बजाय ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच सकेगा।
इसके अतिरिक्त, 35 एमजीडी क्षमता का एक नया एसटीपी भी बनाया जाएगा। साथ ही, मौजूदा 10 एसटीपी में स्लज मैनेजमेंट की आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। दिल्ली गेट ड्रेन के इन-सीटू ट्रीटमेंट पर भी काम शुरू किया जाएगा, ताकि नदी में गिरने वाले प्रदूषण को स्रोत पर ही रोका जा सके।
प्रदूषण मुक्त यमुना के लिए ठोस कदम
जल मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यमुना की सफाई केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने से ही संभव है। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में यमुना में एक बूंद भी बिना उपचारित सीवेज न गिरे। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल नदी के जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि दिल्ली के निवासियों को भी बेहतर स्वच्छता सुविधाएं मिल सकेंगी।
आने वाले समय में इन परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी की जाएगी ताकि तय समय सीमा के भीतर काम पूरा हो सके। यह कदम यमुना को पुनर्जीवित करने की दिशा में दिल्ली सरकार की अब तक की सबसे बड़ी और व्यापक योजनाओं में से एक माना जा रहा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!