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सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में अलर्ट: MCD ने सभी इमारतों की जांच के दिए आदेश

नई दिल्ली में सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के बाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) ने पूरे दिल्ली में इमारतों की जांच के आदेश दिए हैं। MCD ने सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों (बिल्डिंग) से अपने क्षेत्र की इमारतों का निरीक्षण कर 10 सितंबर तक पूरी रिपोर्ट देने को कहा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 सितंबर 20262 मिनट पढ़ें
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में अलर्ट: MCD ने सभी इमारतों की जांच के दिए आदेश
मूल स्रोत

सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन सख्त

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में हुई पांच मंजिला इमारत गिरने की दुखद घटना के बाद म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) ने पूरे शहर में इमारतों की सुरक्षा जांच के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए थे, जिसके बाद प्रशासन ने अब सक्रियता दिखाते हुए सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्रों की इमारतों का भौतिक निरीक्षण करने का आदेश दिया है।

MCD ने स्पष्ट किया है कि इस सर्वे की विस्तृत रिपोर्ट 10 सितंबर तक अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। इस जानकारी को दिल्ली हाईकोर्ट में पेश किए जाने वाले हलफनामे का हिस्सा बनाया जाएगा, जिस पर आगामी 25 सितंबर को सुनवाई होनी है। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में हुए एक सर्वे में करीब 27.8 लाख इमारतों की जांच की गई थी, जिनमें से केवल 19 को खतरनाक श्रेणी में रखा गया था, जो अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

प्रॉपर्टी मालिक गिरफ्तार, अधिकारियों पर कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रॉपर्टी मालिक उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि प्रॉपर्टी उर्मिला के नाम पर थी, लेकिन इसका प्रबंधन उनके पति और बेटे द्वारा किया जा रहा था। पटियाला हाउस कोर्ट ने उर्मिला और हरिराम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि महेश को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब पीजी संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टरों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई करते हुए MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार सहित चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। उनकी जगह पर 2016 बैच के आईएएस अधिकारी शाश्वत सौरभ को साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

रेस्क्यू ऑपरेशन और इलाके की स्थिति

सत्य निकेतन में चलाए गए 28 घंटे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन में एनडीआरएफ की टीमों ने मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई। मृतकों में अभिषेक कुमार, अर्पित जाज, युवराज सोनी, पवन कुमार, सुरेंद्र सिंह, अक्षत सिंह और परम लाल कोरी शामिल हैं। तीन घायलों की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज चल रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सत्य निकेतन का इलाका 1965-70 के दशक में पुनर्वास के लिए बसाया गया था, लेकिन बाद में साउथ कैंपस के विस्तार के साथ यहां पीजी संस्कृति का तेजी से विकास हुआ। वर्तमान में यहां करीब 300 मकान हैं, जिनमें से 170 से अधिक में पीजी संचालित हो रहे हैं। अर्बन प्लानिंग एक्सपर्ट्स का मानना है कि पुरानी इमारतों पर अतिरिक्त मंजिलों का भार डालना बेहद खतरनाक साबित हो रहा है, क्योंकि दिल्ली के लाखों घरों में से बहुत कम के पास स्वीकृत बिल्डिंग लेआउट प्लान मौजूद हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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