दतिया: घर के बेडरूम में घुसा 9 फीट लंबा अजगर, मदद न मिलने पर युवक ने खुद किया रेस्क्यू
दतिया की बीजासेन कॉलोनी में शनिवार रात एक घर में करीब 9 फीट लंबा अजगर घुस गया। राजघाट तिराहे के पास रहने वाले बादल शर्मा के घर में अजगर घुसने से परिवार में दहशत फैल गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बीजासेन कॉलोनी में मची अफरा-तफरी
मध्य प्रदेश के दतिया जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। शहर की बीजासेन कॉलोनी स्थित एक रिहायशी मकान में शनिवार देर रात करीब 9 फीट लंबा अजगर घुस गया। राजघाट तिराहे के समीप रहने वाले बादल शर्मा के घर में हुई इस घटना ने पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया। रात के सन्नाटे में अजगर को अपने बेडरूम में देखकर परिवार के होश उड़ गए।
घटना के समय बादल शर्मा अपनी मां के साथ कमरे में सो रहे थे। अचानक कमरे में रखे फूलदान के गिरने की तेज आवाज हुई। आवाज सुनकर जब उनकी मां ने उठकर लाइट जलाई, तो सामने का नजारा देखकर वे दंग रह गईं। अलमारी के पास एक विशालकाय अजगर कुंडली मारकर बैठा था। अजगर को देखते ही परिवार के सदस्य तुरंत कमरे से बाहर निकले और सुरक्षित स्थान पर पहुंचे।
सरकारी मदद की गुहार रही बेअसर
अजगर को घर में देख परिवार ने तुरंत बचाव के लिए सरकारी तंत्र का रुख किया। उन्होंने वन विभाग के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी खराबी और नेटवर्क की समस्याओं के कारण कॉल कनेक्ट नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर भी फोन कर मदद मांगी। परिवार का आरोप है कि पुलिस की ओर से उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि सांप पकड़ने में पुलिस की कोई भूमिका नहीं होती और उन्हें सुबह तक इंतजार करने की सलाह दी गई।
सरकारी सहायता न मिलने के बाद परिवार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। रात का समय होने के कारण किसी अन्य निजी विशेषज्ञ को बुलाना भी संभव नहीं था। ऐसे में बादल शर्मा ने खुद ही अजगर को पकड़ने का साहसी निर्णय लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर देखी गई एक रील को याद किया, जिसमें सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की तकनीक दिखाई गई थी।
सोशल मीडिया की सीख आई काम
बादल ने अपने तीन दोस्तों को मदद के लिए घर बुलाया। चारों युवाओं ने धैर्य और सूझबूझ के साथ बचाव अभियान शुरू किया। रील में देखे गए तरीके के अनुसार, उन्होंने एक लंबे डंडे और बोरी का इस्तेमाल किया। डंडे की मदद से अजगर को सावधानीपूर्वक बोरी की ओर धकेला गया। जैसे ही अजगर बोरी के अंदर गया, उन्होंने तुरंत उसका मुंह कसकर बांध दिया।
अजगर को सुरक्षित बोरी में कैद करने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। तड़के सुबह, वे अजगर को लेकर ग्वालियर-झांसी हाईवे के पास स्थित जंगल क्षेत्र में पहुंचे। वहां उन्होंने अजगर को सुरक्षित रूप से प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें युवक की हिम्मत की सराहना की जा रही है।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग की आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिहायशी इलाकों में जंगली जानवरों के घुसने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन ऐसे समय में हेल्पलाइन नंबरों का काम न करना या पुलिस द्वारा मदद से इनकार करना आम नागरिकों के लिए बड़ा जोखिम साबित हो सकता है। फिलहाल, इस मामले में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!