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दतिया उपचुनाव: अवधेश नायक की नाराजगी से बढ़ी सियासी हलचल, कांग्रेस-बीजेपी दोनों की नजर

दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच कांग्रेस के टिकट से वंचित अवधेश नायक को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। उन्हें मनाने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल सक्रिय हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

17 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
दतिया उपचुनाव: अवधेश नायक की नाराजगी से बढ़ी सियासी हलचल, कांग्रेस-बीजेपी दोनों की नजर
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दतिया उपचुनाव में अवधेश नायक की भूमिका पर सबकी निगाहें

दतिया विधानसभा उपचुनाव का रण अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। इस चुनावी माहौल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक की नाराजगी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। टिकट वितरण से असंतुष्ट चल रहे नायक को अपने पाले में बनाए रखने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने सक्रियता बढ़ा दी है, जबकि दूसरी ओर भाजपा भी उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

शुक्रवार की सुबह कांग्रेस के पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने अवधेश नायक के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 25 मिनट तक बंद कमरे में गहन चर्चा हुई। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को डैमेज कंट्रोल की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस आलाकमान को यह डर सता रहा है कि यदि अवधेश नायक ने कोई बड़ा कदम उठाया, तो पार्टी को उपचुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भाजपा की सक्रियता और कांग्रेस की चिंता

सूत्रों के अनुसार, केवल कांग्रेस ही नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी भी अवधेश नायक के संपर्क में है। भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री पहले ही उनके घर जाकर उनसे बातचीत कर चुके हैं। भाजपा की कोशिश है कि नायक की नाराजगी का लाभ उठाकर उन्हें पार्टी में शामिल किया जाए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अवधेश नायक का प्रभाव दतिया के चुनावी समीकरणों को बदलने की क्षमता रखता है, इसलिए दोनों प्रमुख दल उन्हें अपने साथ जोड़ने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।

कांग्रेस के भीतर चल रही इस खींचतान ने पार्टी की रणनीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुकेश नायक की मुलाकात के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस अपने पुराने और प्रभावशाली नेताओं को खोने का जोखिम नहीं उठाना चाहती। हालांकि, पार्टी के भीतर की यह कलह उपचुनाव के नतीजों को किस दिशा में ले जाएगी, यह अभी भविष्य के गर्भ में है।

क्या होगा अवधेश नायक का अगला कदम?

अपनी अगली राजनीतिक रणनीति को लेकर अवधेश नायक ने अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने केवल इतना कहा कि वे अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से मशविरा करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेंगे। उनका यह रुख यह दर्शाता है कि वे फिलहाल अपने पत्ते खोलने के मूड में नहीं हैं और दोनों दलों को अपनी शर्तों पर विचार करने का समय दे रहे हैं।

दतिया उपचुनाव में अवधेश नायक का निर्णय न केवल उनके राजनीतिक भविष्य के लिए, बल्कि क्षेत्र के चुनावी नतीजों के लिए भी निर्णायक साबित हो सकता है। उनके अगले कदम पर न केवल कांग्रेस और भाजपा की नजर है, बल्कि स्थानीय मतदाता भी इस बात पर गौर कर रहे हैं कि वे किस दल का समर्थन करते हैं या फिर निर्दलीय राह चुनते हैं।

आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि अवधेश नायक कांग्रेस के साथ बने रहते हैं या फिर भाजपा में घर वापसी करते हैं। फिलहाल, दतिया की राजनीति में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और हर कोई उनके आधिकारिक ऐलान का इंतजार कर रहा है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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