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दतिया उपचुनाव: प्रशासन का कड़ा रुख, 10 लोगों के शस्त्र लाइसेंस किए गए निरस्त

दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने 10 शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

14 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
दतिया उपचुनाव: प्रशासन का कड़ा रुख, 10 लोगों के शस्त्र लाइसेंस किए गए निरस्त
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दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही जिला प्रशासन ने चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी कमर कस ली है। इसी क्रम में जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 10 व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल द्वारा सौंपी गई विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त

उपचुनाव के दौरान क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि चुनावी माहौल में लाइसेंसी हथियारों का प्रदर्शन या उनका दुरुपयोग शांति भंग करने का कारण बन सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखना शुरू कर दिया है।

पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया था कि संबंधित लाइसेंस धारकों द्वारा शस्त्र नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। इसके अलावा, इन व्यक्तियों के शस्त्रों के साथ क्षेत्र में दहशत फैलाने की शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं। इन तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने आयुध अधिनियम के तहत यह दंडात्मक कार्रवाई की है।

इन लोगों पर हुई कार्रवाई

प्रशासन द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार, जिन लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए गए हैं उनमें अनूप तिवारी, तेज सिंह यादव, आनंद शर्मा, गुरुदेव रावत, भगवान सिंह कुशवाह, रामेश्वर निरंजन, मानवेन्द्र सिंह, प्रहलाद पाल, रामहेत रावत और पवन रजक शामिल हैं। इन सभी को अपने हथियार संबंधित थानों में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह सूची केवल एक शुरुआत है। यदि चुनाव के दौरान किसी भी अन्य व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जाता है या क्षेत्र की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास किया जाता है, तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध

दतिया में उपचुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

आगामी दिनों में प्रशासन द्वारा संवेदनशील मतदान केंद्रों का दौरा करने और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने की योजना है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं ताकि मतदाताओं में सुरक्षा का भाव बना रहे और वे बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के अन्य शस्त्र लाइसेंस धारकों में भी हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस सख्ती से यह साफ हो गया है कि उपचुनाव के दौरान कानून का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है। आने वाले समय में प्रशासन की नजर उन सभी तत्वों पर रहेगी जो चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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