दरभंगा हत्याकांड: पति की हत्या और आंखें फोड़ने के मामले में पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद
दरभंगा में गुरुवार को व्यवहार न्यायालय ने चर्चित रामकुमार साह हत्याकांड में फैसला सुनाया है। मृतक की पत्नी संगीता देवी और उसके बॉयफ्रेंड कुंदन कुमार उर्फ बजरंगी को उम्रकैद की सजा दी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

तीन साल पुराने चर्चित हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला
बिहार के दरभंगा जिले में एक बेहद सनसनीखेज हत्याकांड मामले में व्यवहार न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। करीब तीन साल पहले हुए रामकुमार साह हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आदिदेव की अदालत ने मृतक की पत्नी संगीता देवी और उसके प्रेमी कुंदन कुमार उर्फ बजरंगी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले ने इलाके में चर्चा बटोर ली है, क्योंकि अपराध की प्रकृति बेहद क्रूर थी।
घटना 21 जुलाई 2023 की है, जब सिमरी थाना क्षेत्र के कमरौली गांव निवासी रामकुमार साह अपने बेटे का जन्मदिन मनाने के लिए गांव स्थित एक मुर्गी फार्म पर पहुंचे थे। इसी मुर्गी फार्म पर उनकी पत्नी संगीता देवी काम करती थी। जांच में सामने आया कि पत्नी के अवैध संबंध फार्म के संचालक कुंदन कुमार के साथ थे, जो इस हत्याकांड की मुख्य वजह बने।
साजिश के तहत की गई थी हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, रामकुमार साह और संगीता देवी के पांच बच्चे थे, इसके बावजूद संगीता के कुंदन कुमार के साथ प्रेम संबंध थे। इस रिश्ते में बाधा बन रहे रामकुमार को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर एक खौफनाक साजिश रची। जन्मदिन के बहाने बुलाकर रामकुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
मृतक के पिता रामाशीष साह ने सिमरी थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया था कि उन्हें रात करीब 11 बजे घटना की सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचे तो रामकुमार का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा था। हत्यारों ने न केवल रामकुमार की पिटाई की थी, बल्कि उनकी दोनों आंखें भी फोड़ दी थीं, जिससे उनकी क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
न्यायिक प्रक्रिया और सजा का ऐलान
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संगीता देवी और उसके प्रेमी कुंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया था। पिछले तीन वर्षों से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। गुरुवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी पाया।
अपर लोक अभियोजक दिलीप कुमार साह ने जानकारी दी कि अदालत ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस फैसले के साथ ही तीन साल से चल रही न्यायिक प्रक्रिया पूरी हो गई है। मृतक के परिवार को इस फैसले से न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, हालांकि इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।
यह मामला समाज में रिश्तों की मर्यादा और अपराध की बढ़ती क्रूरता पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। पांच बच्चों की मां द्वारा अपने पति की इस तरह से हत्या करना और उसमें प्रेमी की संलिप्तता ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया था। अब अदालत के इस कड़े फैसले के बाद दोनों दोषी अपनी शेष सजा जेल में काटेंगे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!