इंदौर: फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में कांग्रेस नेता अनवर कादरी गिरफ्तार, 27 से अधिक आपराधिक मामले हैं दर्ज
इंदौर की सदर बाजार पुलिस ने गुरूवार शाम अनवर डकैत उर्फ कादरी को गिरफ़तार किया। आरोपी फर्जी आर्म्स लायसेंस मामले मे फरार था।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

इंदौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
इंदौर की सदर बाजार पुलिस ने गुरुवार शाम कांग्रेस नेता अनवर कादरी, जिसे अनवर डकैत के नाम से भी जाना जाता है, को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी एक फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में की गई है। आरोपी लंबे समय से इस मामले में फरार चल रहा था। एसीपी अशोक जादौन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सदर बाजार इलाके से उसे हिरासत में लिया।
पुलिस के अनुसार, फरवरी 2025 में सदर बाजार थाना क्षेत्र में अवैध हथियार के साथ मारपीट की एक घटना हुई थी, जिसके बाद अनवर कादरी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी जिस बंदूक का उपयोग कर रहा था, उसका लाइसेंस फर्जी था। आरोप है कि यह लाइसेंस जम्मू-कश्मीर से तैयार करवाया गया था।
लंबा आपराधिक इतिहास
अनवर कादरी का आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ 27 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या का प्रयास, डकैती, घर में घुसकर मारपीट करना, आर्म्स एक्ट और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। इससे पहले भी वह विभिन्न मामलों में जेल की हवा खा चुका है। हाल ही में एक अन्य मामले में जमानत पर बाहर आने के बाद पुलिस ने उसे इस पुराने प्रकरण में गिरफ्तार किया है।
आरोपी के खिलाफ 1996 में उज्जैन के महाकाल थाने में डकैती का मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद से ही वह 'अनवर डकैत' के नाम से कुख्यात हो गया। इसके अलावा, 2011 में उसे और उसके सहयोगियों को एक जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने एक साल की सजा सुनाई थी। उस दौरान पुलिस ने उनके पास से पिस्तौल, कट्टा और तलवार जैसे घातक हथियार बरामद किए थे।
लव जिहाद और अन्य विवाद
अनवर कादरी का नाम लव जिहाद फंडिंग मामले में भी सामने आया था। जून महीने में वायरल हुए एक वीडियो में दो युवकों ने दावा किया था कि कादरी ने उन्हें हिंदू महिलाओं को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन और वेश्यावृत्ति की ओर धकेलने के लिए पैसे दिए थे। इस मामले में उसने पिछले साल अदालत में सरेंडर किया था। पार्षद पद पर रहने के दौरान भी उस पर कई गंभीर आरोप लगे हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो अनवर कादरी तीन बार पार्षद रह चुका है और उसकी पत्नी भी दो बार पार्षद रही है। वह शहर कांग्रेस का महामंत्री भी रह चुका है। हालांकि, अपने आपराधिक कृत्यों के कारण वह लगातार सुर्खियों में रहा है। जमानत के लिए आवेदन करते समय उसने दावा किया था कि उसे राजनीतिक द्वेष के कारण झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है, लेकिन पुलिस के पास उसके खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि फर्जी लाइसेंस का नेटवर्क कितना बड़ा है और जम्मू-कश्मीर से इसे बनवाने में और कौन-कौन से लोग शामिल थे। अनवर कादरी की गिरफ्तारी को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। उसे जल्द ही अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी ताकि अवैध हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा सके।
फिलहाल, सदर बाजार पुलिस मामले की सभी कड़ियों को जोड़ रही है। आरोपी के खिलाफ दर्ज अन्य पुराने मामलों में भी पुलिस अब सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!