ब्रेकिंग
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
करौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शवजोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट: इलाज के दौरान दूसरे फायर फाइटर ने तोड़ा दम, एक की हालत अब भी नाजुकसागर: आदतन अपराधी मुलायम यादव पर जिला प्रशासन का कड़ा एक्शन, छह महीने के लिए किया जिलाबदरलखनऊ: दुबग्गा में 10 साल की मासूम से दुष्कर्म, ममेरा भाई गिरफ्तारबीकानेर नगर निगम की लापरवाही: करोड़ों के 35 नए टिपर कबाड़ में तब्दील, फर्म की मनमानी से बढ़ा संकटपानीपत: इलाज में लापरवाही और 3 हजार के विवाद के बीच महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

सरकारी वादों की समीक्षा करेगी कॉकरोच जनता पार्टी, आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सोमवार को अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बुलाएगी। इसमें 25 जुलाई को राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस लेने के बाद केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

23 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
सरकारी वादों की समीक्षा करेगी कॉकरोच जनता पार्टी, आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी
मूल स्रोत

आश्वासनों पर सरकार की चुप्पी से नाराज CJP

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों की समीक्षा के लिए सोमवार को अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह कदम 25 जुलाई को राष्ट्रव्यापी आंदोलन को वापस लेने के बाद उठाया गया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार ने आंदोलन के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में अब तक कोई औपचारिक जानकारी साझा नहीं की है, जिससे युवाओं और प्रदर्शनकारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार अपने वादों से पीछे हटती है या उन्हें पूरा करने में देरी करती है, तो वे दोबारा शांतिपूर्ण राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के सभी विकल्पों पर विचार करेंगे। CJP के अनुसार, आंदोलन वापस लेने का निर्णय सरकार के लिखित आश्वासनों पर भरोसा करके लिया गया था, लेकिन अब ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार इस भरोसे को नजरअंदाज कर रही है।

FIR और मुआवजे पर अटकी बात

CJP की मुख्य मांगों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करना और पेपर लीक विवाद के कारण जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा देना शामिल था। पार्टी का कहना है कि सरकार के साथ हुई बातचीत में इन बिंदुओं पर सहमति बनी थी, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही है। पार्टी के नेताओं ने चिंता जताई है कि सरकार इन आश्वासनों को टालने या उनका अर्थ बदलने की कोशिश कर रही है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। 18 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान, शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से देशभर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की सूची मांगी थी। CJP का दावा है कि कोर्ट द्वारा तीन बार निर्देश दिए जाने के बावजूद केंद्र सरकार ने सूची सौंपने में तत्परता नहीं दिखाई है, जो चिंता का विषय है।

पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और कानूनी मामलों की प्रभारी रत्ना सिंह ने सरकार की इस कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे युवा पीढ़ी के साथ विश्वासघात करार दिया है। उनका मानना है कि सरकार द्वारा आश्वासनों को कमजोर करना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि और आगे की रणनीति

गौरतलब है कि 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा दंडात्मक कार्रवाई न करने के आश्वासन के बाद CJP ने अपना आंदोलन समाप्त किया था। इस आंदोलन का मुख्य केंद्र NEET-UG पेपर लीक विवाद था, जिसने देशभर के छात्रों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया था। उस समय सरकार ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मांगों को स्वीकार करने का संकेत दिया था।

सोमवार की बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति तय की जाएगी। CJP ने अपने समर्थकों, छात्रों और स्वयंसेवकों को बैठक के नतीजों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान नहीं किया, तो वे फिर से सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या केंद्र सरकार CJP की इन चिंताओं पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया देती है या फिर देश में एक बार फिर से छात्रों का आंदोलन तेज होता है। फिलहाल, सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक के फैसलों पर टिकी हैं।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें