चित्तौड़गढ़ में चुनावी बिसात: 17 अगस्त को आरक्षण की लॉटरी से तय होगी सीटों की स्थिति
लॉटरी के बाद यह साफ हो जाएगा कि कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगी और कौन-सी सीट पर सभी वर्गों के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगे।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में आगामी नगरीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव की प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव आरक्षण की लॉटरी है, जो 17 अगस्त को आयोजित की जाएगी। इस दिन यह स्पष्ट हो जाएगा कि जिले की विभिन्न नगर परिषद, नगर पालिकाओं और पंचायत समितियों में कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगी और कहां से सामान्य वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगे।
17 अगस्त को होगा आरक्षण का निर्धारण
उप जिला निर्वाचन अधिकारी दिनेश धाकड़ के अनुसार, आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया 17 अगस्त को सुबह 11 बजे चित्तौड़गढ़ स्थित ग्रामीण विकास प्रकोष्ठ सभागार (डीआरडीए हॉल) में संपन्न होगी। इस प्रक्रिया के दौरान नगर परिषद और नगर पालिकाओं के सदस्य पदों के साथ-साथ प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के लिए भी आरक्षण तय किया जाएगा। प्रशासन ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए संबंधित जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को समय पर उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
चुनाव से पहले आरक्षण की यह प्रक्रिया राजनीतिक दलों और दावेदारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी के आधार पर उम्मीदवार अपने चुनावी समीकरण तैयार करते हैं और यह तय करते हैं कि उन्हें किस क्षेत्र से अपनी दावेदारी पेश करनी है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही कई संभावित उम्मीदवार अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे पाएंगे।
प्रमुख सीटों पर टिकी हैं सबकी निगाहें
जिले की प्रमुख सीटों को लेकर राजनीतिक गलियारों में पहले से ही काफी चर्चाएं चल रही हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार, नगर परिषद में सभापति का पद अनारक्षित (ओपन) श्रेणी में रखा गया है, जिससे यहां किसी भी वर्ग का पात्र उम्मीदवार चुनाव लड़ने का हकदार होगा। वहीं, जिला प्रमुख का पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित किया गया है, जिसके चलते इस पद पर केवल महिला उम्मीदवार ही अपनी किस्मत आजमा सकेंगी।
इन महत्वपूर्ण पदों पर आरक्षण की स्थिति पहले से स्पष्ट होने के कारण कई दावेदारों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, अन्य सीटों पर आरक्षण की तस्वीर 17 अगस्त की लॉटरी के बाद ही साफ हो पाएगी, जिसके बाद चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों की वास्तविक संख्या और उनके नाम सामने आएंगे।
बदल सकते हैं चुनावी समीकरण
आरक्षण की घोषणा के साथ ही जिले में चुनावी माहौल में तेजी आने की संभावना है। जिन सीटों पर लंबे समय से दावेदार तैयारी कर रहे थे, वहां आरक्षण के बदलाव के कारण समीकरण बदल सकते हैं। कुछ सीटों पर नए चेहरे सामने आ सकते हैं, जबकि कई संभावित उम्मीदवारों को अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।
राजनीतिक दल भी आरक्षण की अंतिम सूची जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन-सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित है, दल अपने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को तेज कर देंगे। आरक्षण की घोषणा के बाद ही चुनावी प्रचार और जनसंपर्क अभियानों में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे चित्तौड़गढ़ का चुनावी पारा और अधिक चढ़ जाएगा।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!