छतरपुर: शिक्षक ने खुद ढूंढा बाइक चोर का ठिकाना, पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल
छतरपुर जिले के घुवारा नगर के वार्ड क्रमांक-10 में शिक्षक अशोक अवस्थी की हीरो होंडा मोटरसाइकिल चोरी हो गई। यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के घुवारा नगर में एक शिक्षक ने अपनी चोरी हुई मोटरसाइकिल को खुद की मेहनत से ढूंढ निकाला। वार्ड क्रमांक-10 में रहने वाले शिक्षक अशोक अवस्थी की बाइक उनके घर के बाहर से चोरी हो गई थी। घटना के बाद शिक्षक ने हिम्मत नहीं हारी और खुद ही चोर की तलाश शुरू कर दी, जिसके बाद उन्हें सफलता हाथ लगी।
सीसीटीवी फुटेज से मिली सुराग
शिक्षक की बाइक चोरी होने की पूरी वारदात पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। फुटेज को खंगालने पर शिक्षक ने देखा कि एक अज्ञात व्यक्ति उनकी मोटरसाइकिल को पैदल खींचकर ले जा रहा है। इस फुटेज के आधार पर शिक्षक ने अपने स्तर पर छानबीन शुरू की और आरोपी के घर तक जा पहुंचे। शिक्षक का दावा है कि जब वे आरोपी के ठिकाने पर पहुंचे, तो वहां उनकी बाइक के अलावा एक और संदिग्ध मोटरसाइकिल भी खड़ी थी।
पीड़ित शिक्षक ने तुरंत इस मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी। हालांकि, उनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में तत्परता नहीं दिखाई। शिक्षक के अनुसार, सूचना देने के बावजूद पुलिस घटना के करीब 36 घंटे बाद मौके पर पहुंची। इतनी लंबी देरी के कारण स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है।
बढ़ती चोरियों से सहमे स्थानीय लोग
इस घटना के बाद घुवारा के निवासियों ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में चोरी और अन्य आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस की सक्रियता न के बराबर है। नागरिकों ने मांग की है कि पुलिस को रात्रि गश्त बढ़ानी चाहिए और चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।
पुलिस की देरी पर उठ रहे सवालों के बीच घुवारा थाना प्रभारी सुरभि शर्मा ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखा गया है और आरोपी की पहचान सुनिश्चित की जा रही है।
जांच और आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। शिक्षक द्वारा दिखाई गई तत्परता के कारण ही चोरी हुई बाइक बरामद हो सकी, लेकिन पुलिस की 36 घंटे की देरी अब चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल, इलाके में पुलिस बल की तैनाती और गश्त बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सीसीटीवी कैमरे अपराधों के खुलासे में कितने महत्वपूर्ण हैं। यदि शिक्षक ने खुद फुटेज की जांच न की होती, तो शायद उनकी बाइक का मिलना मुश्किल होता। अब स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!