छतरपुर: सटई नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की 13 दिन पुरानी हड़ताल समाप्त, प्रशासन से मिला लिखित आश्वासन
नगर परिषद सटई के सफाई कर्मचारियों की 13 दिन से जारी हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। मुख्य नगर पालिका अधिकारी माधुरी शर्मा द्वारा कर्मचारियों की चार सूत्रीय मांगों पर लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित सटई नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा पिछले 13 दिनों से की जा रही अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। प्रशासन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद बनी सहमति के चलते कर्मचारियों ने अपना आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा मांगों पर लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद अब सफाई व्यवस्था के सुचारू रूप से बहाल होने की उम्मीद है।
चार सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति
नगर परिषद कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान प्रशासन और कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध मध्य प्रदेश नगर पालिका निगम कर्मचारी महासंघ के जिला संयोजक आदित्य वाल्मीकि के नेतृत्व में कर्मचारी 7 जुलाई से कामबंद आंदोलन पर थे। इस दौरान शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई थी, जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में चार प्रमुख मांगों पर लिखित समझौता हुआ है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण मांग ईपीएफ (EPF) जमा करने से जुड़ी थी। नगर परिषद ने वादा किया है कि कर्मचारियों की पूर्व वर्षों की लंबित ईपीएफ राशि को तीन समान किस्तों में जमा कर दिया जाएगा। इसके अलावा, हड़ताल की अवधि के दौरान के वेतन भुगतान के मामले में वरिष्ठ कार्यालय से मार्गदर्शन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया है।
कर्मचारियों की बहाली और मानदेय में सुधार
समझौते के तहत, कर्मचारी कमलेश वाल्मीकि को तत्काल प्रभाव से काम पर वापस लेने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, उनके वेतन से संबंधित लंबित प्रकरणों का निराकरण करने का भी आश्वासन दिया गया है। यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। इसके साथ ही, नगर परिषद में मानदेय पर कार्यरत चार श्रमिकों को अगले माह से कलेक्टर दर के अनुसार भुगतान करने पर भी सहमति बनी है, जो लंबे समय से कर्मचारियों की एक बड़ी मांग थी।
लिखित आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारी संघ ने सर्वसम्मति से हड़ताल को समाप्त करने की घोषणा की। जिला संयोजक आदित्य वाल्मीकि ने इस परिणाम को कर्मचारियों की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि नगर परिषद प्रशासन अब इन सभी वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करेगा, ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
शहर की व्यवस्था पर पड़ा था असर
पिछले 13 दिनों से जारी इस हड़ताल के कारण सटई नगर परिषद क्षेत्र में कचरा प्रबंधन और सफाई का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ था। गलियों और मुख्य मार्गों पर कचरे के ढेर जमा होने से स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई थीं। अब जबकि कर्मचारी वापस अपने काम पर लौट आए हैं, तो उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी और नागरिकों को राहत मिलेगी।
प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को सुलझाने के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी माधुरी शर्मा ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ही गतिरोध समाप्त हो सका। स्थानीय निवासियों ने भी हड़ताल खत्म होने पर संतोष व्यक्त किया है और प्रशासन से आग्रह किया है कि भविष्य में कर्मचारियों की समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए ताकि जनता को असुविधा न हो।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!