छतरपुर में खेत में भैंस चराने को लेकर खूनी संघर्ष, लाठी-कुल्हाड़ी से हमला; 5 लोग घायल
छतरपुर के भगवां थाना क्षेत्र के नकरयाखेड़ा गांव में खेत में भैंस चराने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

खेत में भैंस चराने को लेकर हुआ विवाद
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में खेत में भैंस चराने को लेकर दो पक्षों के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। भगवां थाना क्षेत्र के नकरयाखेड़ा गांव में हुई इस घटना में लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी का खुलकर इस्तेमाल किया गया। इस खूनी संघर्ष में कुल 5 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की शुरुआत 16 अगस्त की सुबह हुई, जब नकरयाखेड़ा निवासी नंदकिशोर रैकवार और सुखदीन रैकवार अपने खेत में भैंस चरा रहे थे। इसी दौरान खेत से भैंसों को हटाने को लेकर दूसरे पक्ष के साथ कहासुनी हो गई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई।
वीडियो में कैद हुई हिंसा
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के लोगों को एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि विवाद के दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी और लोग जानलेवा हमले पर उतारू थे। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
शिकायतकर्ता हरपा कुशवाहा (74) ने बताया कि विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिससे हिंसा और तेज हो गई। इस हमले में हरपा कुशवाहा के अलावा उनकी पत्नी, बहू, भतीजे और भाभी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। हरपा कुशवाहा की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
फिलहाल, गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया साक्ष्यों के आधार पर पूरी की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते विवाद
छतरपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में अक्सर फसल और मवेशियों को लेकर इस तरह के विवाद सामने आते रहते हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में कानून को हाथ में लेने के बजाय स्थानीय प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी सामंजस्य और विवाद सुलझाने के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!