चंडीगढ़ में कैब कंपनियों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार: 63 वाहनों के चालान, 7.5 लाख का जुर्माना
चंडीगढ़ में चार प्रमुख कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस निलंबित होने के बाद स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने सख्त रुख अपनाते हुए 63 वाहनों के चालान काटे और पांच गाड़ियां जब्त कीं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

एसटीए की बड़ी कार्रवाई: नियमों की अनदेखी पर चला डंडा
चंडीगढ़ प्रशासन और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने शहर में अवैध रूप से चल रही कैब सेवाओं के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। हाल ही में चार प्रमुख कैब एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किए जाने के बाद, बुधवार को प्रशासन ने सड़कों पर उतरकर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 63 वाहनों के चालान काटे गए और कुल 7.5 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष अभियान के दौरान पांच वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। ये वाहन बिना वैध परमिट और आवश्यक दस्तावेजों के शहर की सड़कों पर दौड़ रहे थे। प्रशासन का यह कदम उन कंपनियों के लिए एक चेतावनी है जो बार-बार निर्देश देने के बावजूद नियमों का पालन करने में विफल रही हैं।
ड्राइवरों को दी गई थी पहले ही चेतावनी
एसटीए ने कार्रवाई से पहले ही इन कंपनियों से जुड़े ड्राइवरों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वे ऐप के माध्यम से सवारियां न उठाएं। इसके बावजूद, कई चालक नियमों को ताक पर रखकर सेवाएं देते पाए गए। मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के तहत, बिना वैध परमिट के ऑटो, टैक्सी या बस चलाते पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। परमिट की शर्तों का उल्लंघन करने पर वाहन जब्ती की कार्रवाई भी की जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जब तक कंपनियां नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित नहीं करतीं, तब तक यह सख्ती जारी रहेगी। ड्राइवरों को सलाह दी गई है कि वे अपने दस्तावेजों को दुरुस्त रखें और किसी भी अवैध एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से जुड़ने से बचें।
नोटिस के बाद भी नहीं सुधरे हालात
जिन कैब कंपनियों पर यह गाज गिरी है, उन्हें प्रशासन की ओर से पहले कई बार कारण बताओ नोटिस और रिमाइंडर भेजे गए थे। हालांकि, कंपनियों की ओर से जो जवाब दिए गए, वे संतोषजनक नहीं थे। एसटीए सचिव नितीश सिंगला द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि कंपनियों को अपनी व्यवस्था सुधारने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए थे, लेकिन उन्होंने प्रशासन के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया।
प्रशासन ने 'चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर्स रूल्स, 2025' के नियम 17 का हवाला देते हुए इन कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए हैं। यह नियम सुरक्षा मानकों और कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं, जिनका उल्लंघन करने पर कठोर दंड का प्रावधान है।
यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य की राह
इस पूरी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बिना परमिट वाली गाड़ियां न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी जोखिम भरी हो सकती हैं। प्रशासन का मानना है कि लाइसेंस निलंबन और भारी जुर्माने से कंपनियों में जवाबदेही तय होगी।
आने वाले दिनों में एसटीए की टीमें शहर के विभिन्न हिस्सों में औचक निरीक्षण जारी रखेंगी। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अधिकृत और वैध परिवहन सेवाओं का ही उपयोग करें। यदि कोई भी वाहन बिना परमिट के सेवा देता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!