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बक्सर: सोते समय करैत सांप ने काटा, अस्पताल के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में गई मजदूर की जान

बक्सर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहनपुरवा गांव में बुधवार को सांप काटने से 45 वर्षीय मजदूर कृष्णा राजभर की मौत हो गई। परिजनों ने समय पर अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया, जिसके कारण अस्पताल पहुंचने में देरी हुई।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

19 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
बक्सर: सोते समय करैत सांप ने काटा, अस्पताल के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में गई मजदूर की जान
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बक्सर में सर्पदंश से मजदूर की दर्दनाक मौत

बिहार के बक्सर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित मोहनपुरवा गांव में एक 45 वर्षीय मजदूर की सर्पदंश से मौत हो गई। मृतक की पहचान कृष्णा राजभर के रूप में हुई है। घटना बुधवार रात की है, जब कृष्णा मजदूरी करके घर लौटे थे और खाना खाने के बाद अपने बिस्तर पर सो रहे थे। आधी रात के करीब उन्हें गर्दन के पास कुछ काटने का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने कमरे की लाइट जलाई तो बिस्तर पर एक जहरीला करैत सांप दिखाई दिया।

सांप को देखने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया। हालांकि, अस्पताल ले जाने के बजाय परिजनों ने अंधविश्वास का सहारा लिया और पीड़ित को इलाज के लिए झाड़-फूंक कराने ले गए। वे कृष्णा को उत्तर प्रदेश के गहमर स्थित 'बकस बाबा' के पास ले गए, जिससे इलाज में कीमती समय बर्बाद हो गया। जब उनकी हालत बिगड़ने लगी, तब परिजन उन्हें बक्सर सदर अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें गंभीर स्थिति में रेफर कर दिया गया। अंततः प्रताप सागर अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अंधविश्वास के कारण बिगड़ी स्थिति

चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी परिजन हार मानने को तैयार नहीं थे और वे शव को लेकर फिर से झाड़-फूंक के लिए अन्य स्थानों पर भटकते रहे। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय व्यर्थ हुआ। घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे दो छोटी बेटियों को छोड़ गया है, जिनकी उम्र 8 और 12 वर्ष है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि करैत सांप का जहर तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) पर हमला करता है। करैत के काटने पर अक्सर तेज दर्द या सूजन नहीं होती, जिसके कारण लोग इसे हल्के में ले लेते हैं। जहर का असर बढ़ने पर शरीर में कमजोरी, मांसपेशियों पर नियंत्रण खोना, सांस लेने में तकलीफ और बोलने में कठिनाई जैसे गंभीर लक्षण सामने आते हैं। समय रहते एंटी-वेनम इंजेक्शन न मिलने पर यह जानलेवा साबित होता है।

बरसात के मौसम में बरतें सावधानी

सांप पकड़ने वाले विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के दिनों में सांपों का खतरा बढ़ जाता है। करैत, कोबरा, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर, जिन्हें 'बिग फोर' कहा जाता है, इस दौरान अधिक सक्रिय हो जाते हैं। ये सांप अक्सर घरों में घुसकर अंधेरे कोनों या बिस्तरों तक पहुंच जाते हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि रात के समय घर से बाहर निकलते समय टॉर्च का उपयोग करें और जमीन पर सोने से बचें।

विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश के मामले में झाड़-फूंक का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। सांप काटने पर पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाना ही एकमात्र विकल्प है, जहां एंटी-वेनम की सुविधा उपलब्ध हो। हर मिनट की देरी मरीज की जान पर भारी पड़ सकती है। सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश करने के बजाय मरीज को शांत रखना और बिना समय गंवाए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना ही जीवन बचाने का सही तरीका है।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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