कोटपूतली-बहरोड़: लापता भाजपा प्रत्याशी दिल्ली में मिले, पुलिस ने परिजनों को सौंपा
कोटपूतली-बहरोड़ के प्रागपुरा से लापता हुए भाजपा प्रत्याशी बुद्धाराम गढ़वाल दिल्ली के धौला कुआं से मिल गए हैं। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दो दिन की तलाश के बाद दिल्ली में मिले प्रत्याशी
कोटपूतली-बहरोड़ जिले के प्रागपुरा नगर पालिका क्षेत्र में निकाय चुनाव के माहौल के बीच एक भाजपा प्रत्याशी के लापता होने से हड़कंप मच गया था। वार्ड नंबर 32 से चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी बुद्धाराम गढ़वाल पिछले दो दिनों से घर से गायब थे। पुलिस ने गहन छानबीन के बाद उन्हें दिल्ली के धौला कुआं बस स्टैंड से सकुशल बरामद कर लिया है।
प्रागपुरा थाना अधिकारी भजनाराम चौधरी के अनुसार, बुद्धाराम गढ़वाल 1 सितंबर की शाम करीब 4 बजे अचानक अपने घर से बिना किसी को बताए निकल गए थे। जब वे काफी देर तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और अंततः प्रागपुरा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कीं।
पुलिस पूछताछ में सामने आई सच्चाई
पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सूचनाओं के आधार पर 3 सितंबर की रात करीब 9 बजे बुद्धाराम गढ़वाल को दिल्ली के धौला कुआं बस स्टैंड से ढूंढ निकाला। बरामदगी के बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी मर्जी से घर से गए थे। उन्होंने किसी भी प्रकार के दबाव या किसी अन्य अप्रिय घटना से इनकार किया है।
पुलिस ने नियमानुसार बुद्धाराम गढ़वाल का मेडिकल परीक्षण करवाया और उसके बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि प्रत्याशी के बयान के आधार पर फिलहाल किसी भी आपराधिक साजिश के संकेत नहीं मिले हैं।
राजनीतिक गलियारों में मचा था बवाल
भाजपा प्रत्याशी के लापता होने के बाद यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका था। वार्ड नंबर 32 से ही चुनाव लड़ रही कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश देवी ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया था। 3 सितंबर को कमलेश देवी अपने समर्थकों और परिजनों के साथ प्रागपुरा थाने पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंद्राज गुर्जर भी वहां पहुंचे और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया।
कांग्रेस नेताओं ने विराटनगर डीएसपी उमेश निठारवाल और थाना अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रत्याशी की जल्द बरामदगी की मांग की थी। विपक्षी दलों का कहना था कि चुनाव के ठीक पहले इस तरह की घटना से क्षेत्र में भय का माहौल पैदा हो रहा है और प्रशासन को इसे प्राथमिकता से लेना चाहिए।
चुनाव पर असर और आगामी स्थिति
बुद्धाराम गढ़वाल के मिलने के बाद प्रशासन और परिजनों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इस घटना ने स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान सुरक्षा और प्रत्याशियों की स्थिति को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।
फिलहाल, प्रत्याशी के वापस आने से उनके समर्थकों में खुशी है, लेकिन विपक्षी दल इस मामले में और अधिक स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!