ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर भाजपा का तीखा हमला, पूछा- पंडित के बाद अब 'A' का क्या अर्थ है?

अखिलेश यादव पहले यह स्पष्ट करें कि आखिर PDA बनाया किसके लिए है, क्योंकि वे हर मंच पर इसका अलग-अलग मतलब बता रहते हैं। प्रकाश पाल ने कहा कि अखिलेश यादव अब समाजवादी पार्टी का नाम लेने से भी बच रहे हैं और PDA के नाम पर लोगों के बीच जा रहे हैं।

मोहम्मद नवेद

मोहम्मद नवेद

एडिटर

7 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर भाजपा का तीखा हमला, पूछा- पंडित के बाद अब 'A' का क्या अर्थ है?
मूल स्रोत

PDA के अर्थ पर छिड़ा सियासी घमासान

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा हाल ही में लखनऊ में आयोजित एक ब्राह्मण सम्मेलन के दौरान PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर मंच पर PDA का अलग-अलग अर्थ बताकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रकाश पाल ने कानपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि अखिलेश यादव अब समाजवादी पार्टी का नाम लेने से भी कतरा रहे हैं और पूरी तरह से PDA के इर्द-गिर्द अपनी राजनीति केंद्रित कर चुके हैं। भाजपा नेता के अनुसार, सपा का पुराना ब्रांड अब बदनाम हो चुका है, जिसके चलते पार्टी प्रमुख अब नए शब्दों के जाल में मतदाताओं को उलझाना चाहते हैं।

बदलते अर्थों पर भाजपा का तंज

भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव की स्थिति 'गंगा गए तो गंगादास, जमुना गए तो जमुनादास' वाली हो गई है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले PDA का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताया जाता था, लेकिन अब ब्राह्मण सम्मेलन में P का अर्थ 'पीड़ित पंडित' बताया जा रहा है। प्रकाश पाल ने सवाल किया कि यदि अब P का अर्थ पंडित है, तो उन पिछड़ों और दलितों का क्या हुआ जिनके नाम पर सपा राजनीति करती आई है।

प्रकाश पाल ने आगे कहा कि अखिलेश यादव को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर PDA का वास्तविक उद्देश्य क्या है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले उन्होंने PDA का मतलब 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' और 'पावर ऑफ डिंपल-अखिलेश' भी बताया था। अब तो ऐसा लगता है कि इनके PDA का मतलब 'पिछले दरवाजे से आना' हो गया है।

जनता को गुमराह करने का आरोप

भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ब्राह्मणों को लुभाने के लिए PDA की परिभाषा बदल रहे हैं, जिससे समाज के अन्य वर्गों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि PDA में अब पंडित शामिल हैं, तो पिछड़े और दलित समाज को यह समझना चाहिए कि उनके लिए इस समीकरण में अब कितनी जगह बची है।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अखिलेश यादव से सीधा सवाल किया कि यदि वे PDA का नया अर्थ बता रहे हैं, तो इसमें 'A' का मतलब क्या है? क्या 'A' का अर्थ अल्पसंख्यक है या फिर स्वयं अखिलेश यादव? उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को जनता के सामने इस शब्द का स्पष्ट अर्थ रखना चाहिए ताकि लोगों का संशय दूर हो सके।

राजनीतिक भविष्य पर असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह नया दांव आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर खेला गया है। हालांकि, भाजपा का यह आक्रामक रुख सपा के लिए चुनौती बन सकता है। भाजपा का तर्क है कि सपा अपने मूल वोट बैंक को साधने के बजाय अब विरोधाभासी बयानबाजी कर रही है, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल, इस बयानबाजी के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में PDA को लेकर बहस तेज हो गई है। भाजपा ने इसे सपा की हताशा बताया है, वहीं सपा की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि अखिलेश यादव भाजपा के इन सवालों का क्या जवाब देते हैं और क्या वे PDA की परिभाषा को लेकर कोई स्पष्ट रुख अपनाते हैं।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें