बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: आंगनबाड़ी में 22 हजार भर्तियां और जमुई में पुल निर्माण को मंजूरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज शाम 5 बजे बिहार कैबिनेट की अहम बैठक हो रही है। इसी बीच सीएम सम्राट चौधरी ने पोस्ट कर कई जानकारी दी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

आंगनबाड़ी में बंपर बहाली का रास्ता साफ
बिहार सरकार ने राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में आयोजित कैबिनेट की बैठक में समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के कुल 22,000 रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से राज्य भर में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में सुधार आने की उम्मीद है, जिससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
यह भर्ती प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी, और कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभाग जल्द ही इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। इन पदों पर नियुक्ति से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से उन तक पहुंच सकेगा।
जमुई में कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है। जमुई जिले में आवागमन को सुगम बनाने के लिए पथ निर्माण विभाग की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके तहत NH-333A पर दो उच्चस्तरीय आरसीसी पुलों का निर्माण किया जाएगा। खैरा-सोनो पथ के 72वें किलोमीटर पर नरियाना घाट के पास क्यूल नदी पर 93.82 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पुल बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, इसी मार्ग के 80वें किलोमीटर पर मंगोबंदर-सुकनर नदी पर भी 55.96 करोड़ रुपये की लागत से एक अन्य पुल का निर्माण कार्य शुरू होगा। इन पुलों के बनने से स्थानीय निवासियों को आवाजाही में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, यह क्षेत्र के कृषि उत्पादों के विपणन और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में सहायक सिद्ध होगा।
सब्जी प्रसंस्करण और सहकारी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण
राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के विस्तार के लिए कैबिनेट ने 106.39 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य वेजफेड की त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाना है।
इस योजना के तहत प्रखंड स्तर पर आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी और खराब होने वाली सब्जियों के सुरक्षित परिवहन के लिए रीफर वाहनों की व्यवस्था भी की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी।
आर्थिक विकास और भविष्य की राह
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर जहां आंगनबाड़ी में नियुक्तियों से सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर पुलों के निर्माण और कृषि प्रसंस्करण में निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत संरचना का निर्माण उनकी प्राथमिकता है।
आने वाले समय में इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल स्थानीय लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में भी विकास की नई किरण दिखाई देगी। संबंधित विभागों को इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनता को इनका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!