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भोपाल: सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर जानलेवा हमले के 65 दिन बाद पहली गिरफ्तारी, तीन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

राजधानी के कोहेफिजा थाना क्षेत्र स्थित खानूगांव में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने वारदात के 65 दिन बाद पहली गिरफ्तारी की है। पुलिस ने आरोपी अब्दुल्ला फारूकी को गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

16 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
भोपाल: सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर जानलेवा हमले के 65 दिन बाद पहली गिरफ्तारी, तीन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
मूल स्रोत

दो महीने से अधिक समय के बाद पुलिस को मिली पहली सफलता

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र में सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। घटना के करीब 65 दिन बीत जाने के बाद, पुलिस ने मुख्य आरोपियों में से एक अब्दुल्ला फारूकी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को गुरुवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया है।

यह मामला 12 मई का है, जब खानूगांव निवासी मोहम्मद यूसुफ (26), जो पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, को फोन करके झंडा चौक बुलाया गया था। वहां पहले से ही अब्दुल्ला फारूकी अपने साथियों समीर उर्फ बब्बा, नदीम उर्फ जिंसी और मुदस्सर उर्फ मम्मा के साथ मौजूद था। पीड़ित के अनुसार, वहां पहुंचते ही आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर जानलेवा हमला कर दिया।

चाकू से किए गए थे बर्बर हमले

हमले के दौरान समीर उर्फ बब्बा ने चाकू से यूसुफ के सिर और दोनों हाथों पर ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में यूसुफ के बाएं हाथ की तीन उंगलियां और दाएं हाथ की एक उंगली गंभीर रूप से घायल हो गई। साथ ही, सिर पर भी गहरे घाव आए। जब आसपास के लोग शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।

इस घटना के बाद से ही इलाके में दहशत का माहौल था। जांच के दौरान एक कथित ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें समीर उर्फ बब्बा को यह दावा करते सुना जा सकता है कि उसने पीड़ित पर चाकू से 21 वार किए थे, जिससे चाकू तक टेढ़ा हो गया था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन यह साक्ष्य मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

पुरानी रंजिश और अन्य मामलों से जुड़ाव की जांच

कोहेफिजा थाने के एएसआई अंतराम ने बताया कि आरोपी अब्दुल्ला फारूकी को एक मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर थाना क्षेत्र से ही पकड़ा गया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरी वारदात पुरानी रंजिश का परिणाम थी। पुलिस अब फरार चल रहे अन्य तीन आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

पुलिस की जांच का दायरा अब और बढ़ गया है। अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या यही गैंग कोतवाली क्षेत्र में होटल संचालक आमिर पर हुए हमले में भी शामिल था। इस मामले में मुदस्सर उर्फ मम्मा पहले से ही जेल में बंद है। कोहेफिजा पुलिस अब उसे प्रोडक्शन वारंट पर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि इस गैंग के अन्य आपराधिक गतिविधियों का खुलासा हो सके।

आगे की कार्रवाई और चुनौतियां

सॉफ्टवेयर इंजीनियर पर हुए इस हमले ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। 65 दिनों तक आरोपियों का फरार रहना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। अब अब्दुल्ला फारूकी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि अन्य फरार आरोपियों के ठिकानों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकेंगे।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने और पीड़ित को न्याय दिलाने की है। क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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