भोपाल: नगर निगम की आईडी हैक कर स्कूल का टैक्स 6.62 लाख रुपये घटाया, पुलिस जांच शुरू
भोपाल के नगर निगम के जोन-2 की जोनल अधिकारी की यूजर आईडी से छेड़छाड़ कर सेंट जोसफ स्कूल, ईदगाह हिल्स के संपत्ति कर खाते में बड़ा बदलाव किए जाने का मामला सामने आया है। जांच में सामने आया कि स्कूल की ₹7.71 लाख की मूल मांग घटाकर ₹1.09 लाख कर दी गई।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

नगर निगम की आईडी से छेड़छाड़ का मामला
भोपाल नगर निगम के जोन-2 में एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है, जहां एक नामी स्कूल के संपत्ति कर में भारी कटौती करने के लिए आधिकारिक यूजर आईडी का दुरुपयोग किया गया। जांच में खुलासा हुआ है कि सेंट जोसफ स्कूल, ईदगाह हिल्स के संपत्ति कर खाते के साथ छेड़छाड़ कर उसे 7.71 लाख रुपये से घटाकर मात्र 1.09 लाख रुपये कर दिया गया। इस हेरफेर से निगम को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोहेफिजा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब डिजिटल फुटप्रिंट्स और सर्वर लॉग्स की मदद से उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया।
कैसे दिया गया धोखाधड़ी को अंजाम
नगर निगम के जोनल अधिकारी मोहित मालवीय के अनुसार, अप्रैल महीने में जब संपत्ति कर वसूली की समीक्षा की गई, तब इस बड़े घोटाले का पता चला। रिकॉर्ड की जांच करने पर सामने आया कि 31 मार्च 2026 को जोनल अधिकारी की आईडी का पासवर्ड बदलकर संदिग्ध तरीके से स्कूल के खाते में बदलाव किए गए थे। उस दिन स्कूल का दर्ज क्षेत्रफल 34,872.3 वर्ग फुट से घटाकर अचानक 5,856 वर्ग फुट कर दिया गया।
इतना ही नहीं, इस प्रक्रिया के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क और व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क की मांग को भी शून्य कर दिया गया। डिलोयट की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि मुख्यालय के एक सपोर्ट यूजर के जरिए जोन-2 की आईडी का पासवर्ड बदला गया था, जो पूरी तरह से अनधिकृत और संदिग्ध गतिविधि थी।
अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच
इस मामले में केवल 31 मार्च की घटना ही नहीं, बल्कि 14 मार्च को कंप्यूटर शाखा के यूजर एप्लीकेशन से भी उक्त संपत्ति के खाते को एक्सेस किए जाने के प्रमाण मिले हैं। जांच के दायरे में निगम के कई अधिकारी और कर्मचारी हैं, जिनसे इस संबंध में प्रतिवेदन लिए गए हैं। इनमें श्रीराजभान त्रिपाठी, अभय चतुर्वेदी, कुलदीप जैन, जितेंद्र गौर और एसएपी कंसल्टेंट दुर्गा साहू जैसे नाम शामिल हैं।
हैरानी की बात यह है कि 31 मार्च को क्षेत्रफल घटाने के बाद, 24 जून 2026 को स्कूल का क्षेत्रफल फिर से बढ़ा दिया गया। यह बार-बार किए गए बदलाव यह दर्शाते हैं कि सिस्टम के साथ सुनियोजित तरीके से खिलवाड़ किया गया है ताकि कर चोरी की जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की राह
कोहेफिजा पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर किसके निर्देश पर और किस व्यक्ति ने बैठकर यह बदलाव किए। पुलिस के पास मौजूद डिजिटल रिकॉर्ड और यूजर लॉग्स इस मामले की गुत्थी सुलझाने में मुख्य आधार बने हुए हैं। फिलहाल, किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही दोषियों तक पहुंचा जाएगा।
यह घटना नगर निगम के ऑनलाइन सिस्टम की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े करती है। एक सरकारी आईडी का पासवर्ड बदलकर इस तरह के बड़े वित्तीय बदलाव करना साइबर सुरक्षा में बड़ी चूक को दर्शाता है। निगम प्रशासन अब अपने सिस्टम की सुरक्षा ऑडिट कराने पर भी विचार कर रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की धांधली को रोका जा सके।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!