भोपाल की मल्टीलेवल पार्किंग में डिजिटल क्रांति: अब फास्टैग और यूपीआई से होगा भुगतान
भोपाल शहर की दो मल्टी लेवल पार्किंग में अब आप फॉस्ट टैग के जरिए भी शुल्क दे सकेंगे। इसके अलावा यूपीआई एवं मोबाइल एप आधारित डिजिटल पार्किंग व्यवस्था भी रहेगी।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

भोपाल की पार्किंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव
भोपाल शहर के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर की दो प्रमुख मल्टीलेवल पार्किंग में अब भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल कर दी गई है। अब वाहन चालकों को पार्किंग शुल्क चुकाने के लिए नकद राशि के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। प्रशासन ने न्यू मार्केट और एमपी नगर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में फास्टैग और यूपीआई आधारित भुगतान प्रणाली को लागू कर दिया है।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पार्किंग में लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करना और वाहन चालकों के समय की बचत करना है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शुरू की गई इस पहल से पार्किंग स्थल पर प्रवेश और निकास की प्रक्रिया अब पूरी तरह से स्वचालित हो गई है। इससे पहले 9 जुलाई से शहर की पांच मल्टीलेवल पार्किंग में कैशलेस व्यवस्था की शुरुआत की गई थी, जिसे अब और अधिक आधुनिक बनाया गया है।
कैसे काम करती है नई तकनीक
पार्किंग स्थल पर प्रवेश करते ही ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन कर लेते हैं। इसके साथ ही फास्टैग रीडर वाहन की जानकारी दर्ज कर लेता है, जिससे प्रवेश की प्रक्रिया बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के पूरी हो जाती है। वाहन के बाहर निकलते समय भी यही तकनीक काम करती है, जिससे निर्धारित शुल्क स्वतः ही फास्टैग वॉलेट से कट जाता है।
इस तकनीक के उपयोग से वाहन चालकों को पार्किंग गेट पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ती। सिस्टम द्वारा वाहन की पहचान होते ही बैरियर अपने आप खुल जाते हैं, जिससे निकास द्वार पर लगने वाली भीड़ से निजात मिलती है। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने के कारण इसमें पारदर्शिता भी बनी रहती है।
वैकल्पिक भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी वाहन में फास्टैग काम नहीं करता है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति के लिए पार्किंग स्थल पर क्यूआर कोड और यूपीआई आधारित भुगतान की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। चालक अपने मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से भुगतान कर सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, विशेष परिस्थितियों में नकद भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध रखी गई है ताकि किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े। हालांकि, प्रशासन का जोर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने पर है ताकि पार्किंग स्थल पर आने-जाने की प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सके।
नागरिकों को होगा सीधा लाभ
नई व्यवस्था से पार्किंग स्थल पर वाहनों की आवाजाही तेज हो गई है। पहले जहां भुगतान के लिए कतारों में खड़ा होना पड़ता था, अब वहां वाहन बिना रुके बाहर निकल पा रहे हैं। यह कदम भोपाल को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
आने वाले समय में शहर की अन्य पार्किंग स्थलों पर भी इस तरह की आधुनिक तकनीक लागू करने की योजना है। प्रशासन का मानना है कि डिजिटल भुगतान के माध्यम से पार्किंग प्रबंधन में सुधार होगा और शहर में यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!