भोपाल में क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: 18 छुरियों और अवैध रिवॉल्वर के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
भोपाल में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने दो अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भोपाल टॉकीज के पास बाल विहार ग्राउंड से पुलिस ने एक आरोपी को 18 धारदार छुरियों के साथ पकड़ा, जबकि रसला खेड़ी क्षेत्र से दूसरे आरोपी को रिवॉल्वर और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

राजधानी भोपाल में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने शहर के दो अलग-अलग इलाकों से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से भारी मात्रा में धारदार हथियार और एक रिवॉल्वर बरामद की गई है। इस कार्रवाई से शहर में हथियारों की तस्करी के नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बाल विहार ग्राउंड से 18 छुरियां बरामद
क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भोपाल टॉकीज के पास स्थित बाल विहार ग्राउंड में एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मो. माजिद उर्फ मजीद (30) को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक सफेद प्लास्टिक की बोरी मिली, जिसमें 18 तेज धारदार छुरियां छिपाई गई थीं। आरोपी इन हथियारों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस पेश नहीं कर सका।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किया है। माजिद के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-A) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में छुरियां कहां से खरीदी गई थीं और इन्हें किसे सप्लाई किया जाना था।
रिवॉल्वर और जिंदा कारतूस के साथ दूसरा आरोपी गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई विदिशा रोड स्थित रसला खेड़ी क्षेत्र में की गई। यहां पुलिस ने नवेद खान उर्फ नब्बू (24) को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसकी कमर से एक रिवॉल्वर और पैंट की जेब से एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। नवेद भी हथियारों के उपयोग से संबंधित कोई कानूनी अनुमति नहीं दिखा सका, जिसके बाद क्राइम ब्रांच थाने में उसके खिलाफ भी आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब नवेद से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने यह रिवॉल्वर किससे खरीदी थी। क्या इसका उपयोग किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए किया जाना था, इस दिशा में भी जांच की जा रही है।
आरोपियों के आपराधिक इतिहास की पड़ताल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों में से माजिद का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2011 में उसके खिलाफ कोतवाली थाने में मारपीट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अब दोनों आरोपियों के नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या वे किसी बड़े गिरोह के लिए काम कर रहे थे।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों की संख्या और प्रकार से स्पष्ट है कि ये किसी गंभीर वारदात की तैयारी में थे। पुलिस अब इन हथियारों के स्रोत तक पहुंचने के लिए आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!